DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: वायुसेना ने युद्ध तैयारी का लिया जायजा

C-17 ग्लोबमास्टर
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के सीमांत इलाकों में  चीन से चल रहे मौजूदा सैन्य तनावों के बीच भारतीय वायुसेना ने यहां  वायुसेना के कमांडरों की तीन दिनों तक चली बैठक में अपनी युद्ध तैयारी की  समीक्षा की है। वायुसेना के कमांडरों की बैठक शुक्रवार को सम्पन्न हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमांडरों के उद्घाटन   सम्मेलन को सम्बोधित किया था।





गौरतलब है कि चीन से लगे सीमांत इलाकों में भारतीय वायुसेना के अग्रणी लडाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और जगुअर लडाकू विमान उडान भर रहे हैं।

यहां वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि इस छमाही सम्मेलन में प्रधान सेनापति जनरल बिपिन रावत  के अलावा थलसेना प्रमुख जनरल मनोज नरवाणे और नौसना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और अन्य आला अफसरों ने भाग लिया था।

 इस सम्मेलन में वायुसेना प्रमुख ने वायुसेना की हमलावर क्षमता में क्रांतिकारी बदलाव  लाने के लिये विजन-2030 पेश किया था।  उन्होंने कहा था कि जिस तरह के सैन्य खतरे उभर रहे हैं उन्हें समझना जरूरी है। उन्होंने देश के सामने पैदा मौजूदा चुनौतियों के मद्देनजर कहा कि  हमें तेजी से अपनी क्षमता मजबूत करने की जरुरत है।  हमें कमसे कम वक्त में अपने संसाधनों में नई तकनीक का एकीकरण करना होगा।  वायुसेना के दीर्घकालीन लक्ष्य के बारे में उन्होंने कहा कि  हमें नवीनतम तकनीक वाले शस्त्र मंचों से लैस होना होगा।

 नई तकनीक के समावेश औऱ प्रभावी इस्तेमाल के लिये हमें  समुचित तौर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन को  खडा करने के बारे में भी सोचना होगा।

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