DEFENCE

स्पेशल रिपोर्ट: 132 रक्षा वैज्ञानिकों ने छोड़ी नौकरी

डीआरडीओ

नई दिल्ली। पिछले पांच सालों में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के 132 वैज्ञानिकों ने नौकरी छोड़ी है। सरकार ने इस आशय की रिपोर्टों की पुष्टि करते हुए संसद में उक्त जानकारी दी है। रिपोर्टों के मुताबिक डीआरडीओ के वैज्ञानिक प्राइवेट सेक्टरों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।





लोकसभा में रक्षा राज्य मंत्री श्रीपाद नायक ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि डीआरडीओ की सेवा शर्तों को अधिक आकर्षक बनाने की योजना लागू की जा रही है ताकि वैज्ञानिकों को सरकारी प्रतिष्ठानों में काम करना बेहतर लगे। उन्होंने बताया कि रक्षा संस्थानों के बी, सी, डी वर्ग के वैज्ञानिकों के लिये 22,500 रुपये का प्रोफेशनल अपडेट भत्ता दिया जाने लगा है जब कि ई और एफ वर्ग के वैज्ञानिकों को 45 हजार रुपये प्रतिमाह और जी श्रेणी के वैज्ञानिकों को 67, 500 रुपये प्रति माह प्रोफेशनल अपडेट भत्ता दिया जाने लगा है।

सीडीई और एफ वर्ग के वैज्ञानिकों को दो अतिरिक्त सालना वेतन वृद्धि दिया जाने लगा है लेकिन फिलहाल इसे रोके जाने की वजह से इस मसले को समुचित स्तर पर उठाया गया है। इसके अलावा योग्य वैज्ञानिकों को छह अतिरिक्त सालाना वेतन वृदिध जाने लगी है। यह वेतन वृद्धि एसेसमेंट बोर्ड के आकलन के आधार पर दी जाती है। इसके अलावा दो हजार रुपये अतिरिक्त का विशेष अतिरिक्त वेतन भी दिया जाता है।

इसके अलावा डीआरडीओ ने मेरिट के आधार पर पदोन्नित में लचीलापन दिखाने की नीति भी अपनाई है। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को परमाणु ऊर्जा औऱ अंतरिक्ष विभागों के वैज्ञानिकों के समकक्ष दर्जा दिया जाने लगा है।

Comments

Most Popular

To Top