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विशेष: आज ही के दिन दी कई थी इन 3 क्रांतिकारियों को फांसी, जानें 10 फैक्ट्स

आज ही के दिन वर्ष 1927 में काकोरी कांड का दोषी पाते हुए अंग्रेजों ने आजादी के मतवालों रामप्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर जेल में, अशफाकउल्ला खान फैजाबाद जेल में और रौशन सिंह को इलाहाबाद की नैनी जेल में फांसी दी। इस कांड में क्रांतिकारियों ने ट्रेन से जा रहे अंग्रेजों का खजाना लूटा था।

तैयार की थी ‘काकोरी काण्ड’ की रूपरेखा





काकोरी काण्ड भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रान्तिकारियों द्वारा ब्रिटिश राज के विरुद्ध भयंकर युद्ध छेड़ने की मंशा से हथियार खरीदने के लिये ब्रिटिश सरकार का ही खजाना लूट लेने की एक ऐतिहासिक घटना थी जो 9 अगस्त 1925 को घटी। क्रान्तिकारियों द्वारा चलाए जा रहे आजादी के आन्दोलन को गति देने के लिये धन की तत्काल व्यवस्था की जरूरत के मद्देनजर शाहजहांपुर में हुई बैठक के दौरान राम प्रसाद बिस्मिल ने अंग्रेजी सरकार का खजाना लूटने की योजना बनाई थी। हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के केवल दस सदस्यों ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया था। इस ट्रेन डकैती में जर्मनी के बने चार माउजर पिस्तौल काम में लाये गये थे।

शहाजहांपुर में जन्मे थे बिस्मिल

11 जून, 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में रामप्रसाद का जन्म हुआ, 1916 में उन्होंने 19 वर्ष की आयु में क्रांतिकारी मार्ग पर अपना कदम रखा। अपने पिता मुरलीधर और माता मूलमती की दूसरी संतान थे। माता-पिता राम के आराधक थे। इसलिए उन्होंने बालक का नाम रामप्रसाद रख दिया।

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