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आयुध कारखानों का निजीकरण नहीं- राज्यसभा में रक्षा मंत्री ने कहा

ऑर्डिनेंस फैक्ट्री
फाइल फोटो

नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आयुध कारखाने के निजीकरण के अटकलों को खारिज करते हुए राज्यसभा में कहा कि इनका निगमीकरण करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।





रक्षा मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि सामरिक महत्व के आयुध कारखाने के निजीकरण का कोई सवाल ही नहीं है। इनकी गुणवत्ता में सुधार करने और बेहतर प्रबंधन के साथ इन्हें संचालित करने के लिए कारखानों के निगमीकरण करने पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आयुध कारखानों के मजदूर संघों के साथ इस संबंध में बातचीत की जा रही है। निगमीकरण के दौरान मजदूरों के हितों की रक्षा की जाएगी। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आयुध कारखाने के समक्ष उत्पादन-ऑर्डर का कोई संकट नहीं है। उनका ऑर्डर सशस्त्र बलों और अंतर्राष्ट्रीय मांग पर निर्भर करता है।

हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के पास- 59 हजार, 832 रुपये, भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड के पास- 56 हजार, 300 करोड़ रुपये, मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के पास 52 हजार, 113 करोड़ रुपये के उत्पादन ऑर्डर हैं।

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