Air Force

अपाचे हेलिकॉप्टर से लैस होगी थलसेना, सौदे को मंजूरी

थल सेना भी अपाचे हेलिकॉप्टर से होगी लैस

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के साथ-साथ थलसेना को भी अत्याधुनिक और घातक हथियारों से लैस होगी अब सरकार ने थल सेना को लड़ाकू हेलिकॉप्टर अपाचे से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका से छह और अपाचे हेलिकॉप्टर खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। रक्षा सौदों के बारे में निर्णय लेने वाली रक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च इकाई, रक्षा खरीद परिषद की गुरुवार को रक्षा मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में बैठक में ये निर्णय लिया गया।





4,600 करोड़ रुपये के खरीद को मिली मंजूरी

इस प्रस्ताव के अंतर्गत अपाचे हेलिकॉप्टरों की खरीद सहित कुल 4,600 करोड़ रुपये के खरीद को मंजूरी दी गयी है। भारत ने दो वर्ष पहले सितम्बर 2015 में अमेरिका की बोइंग कंपनी से वायुसेना के लिए 22 एएच-64 हेलिकॉप्टरों की खरीद के लिए सौदा किया था। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक रक्षा खरीद परिषद ने थल सेना के लिए 6 अपाचे हेलिकॉप्टरों की खरीद की मंजूरी दी है, जिस पर अनुमानित लागत 4,168 करोड़ रुपये आ सकती है। सेना को मिलने वाला यह पहला लड़ाकु हेलिकॉप्टर होगा। इस सौदे में हेलिकॉप्टर में लगाये जाने वाले उपकरणों, हथियारों, कलपुर्जों और प्रशिक्षण का खर्च भी शामिल है। वहीं सेना को मिलने वाला यह पहला लड़ाकू हेलिकॉप्टर होगा।

सेना ने रक्षा मंत्रालय से 10 से अधिक लड़ाकू हेलिकॉप्टरों की जरूरत बतायी थी, लेकिन अभी केवल 6 हेलिकॉप्टरों की खरीद को मंजूरी दी गयी है। अपाचे हेलिकॉप्टर घातक मिसाइलों और अत्याधुनिक रडार प्रणाली से लैस हैं और ये विषम परिस्थिति में भी दुश्मन के नेस्तोनाबूद करने में सक्षम है। रक्षा मंत्रालय ने कुछ साल पहले ही सेना को भी घातक हथियारों से लैस हेलिकॉप्टर देने के बारे में निर्णय लिया था।

बोइंग AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर

  • 6 हेलिकॉप्टरों की अनुमानित लागत 4168 करोड़ रुपये।
  • दो टर्बोशाफ़्ट इंजन और 4 ब्लेड वाला अमेरिकी हेलिकॉप्टर।
  • एक सेंसर आगे लगा होता है जिसकी मदद से ये अंधेरे में भी उड़ान भरने में सक्षम है।
  • दो लोगों के कॉककपिट में बैठने की क्षमता।
  • एजीएम 114 मिसाइल से लैस, जो हवा से सतह तक मार करने में सक्षम है।
  • हायड्रा 70 रॉकेट से अचूक निशाना लगाने में माहिर।

दो इंटरसेप्टर जहाज मिले

इंजीनियरिंग कंपनी एलएंडटी ने भारतीय तटरक्षक बल को तेज गति वाले दो इंटरसेप्टर जहाजों की आपूर्ति की है। इन दो जहाजों के बाद तट रक्षक बल को अब तक कुल 34 जहाज मिल चुके हैं। कंपनी ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि ये दोनों जहाज तमिलनाडु के चेन्नई में स्थित कट्टुपल्ली शिपयार्ड में तटरक्षक बल को सौंपा गया। सी-433 और सी-434 इंटरसेप्टर जहाजों की आपूर्ति उस समझौते का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी को 54 इंटरसेप्टर जहाजों की आपूर्ति करने वाली है।

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