DEFENCE

घाटी में बड़ी संख्या में आतंकी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं कश्मीरी युवा, गृह मंत्रालय चिंतित

आतंकी
फाइल फोटो

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के हालात में अभी कोई जरूरी सुधार नजर नहीं आ रहे। जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बावजूद आतंकी हरकतों में कोई कमी नहीं है। घाटी में सक्रिय सुरक्षाबलों और मुठभेड़ों की बढ़ती संख्या के बावजूद भी कई स्थानीय लोग आतंकी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने एक निजी चैनल को बताया कि यह सरकार के लिए चिंता का विषय है।





मीडिया खबरों के मुताबिक मंत्रालय का डेटा यह दर्शाता है कि इस साल के पहले 07 महीनों में 90 स्थानीय नागरिक विभिन्न आतंकी समूहों में शामिल हो गए हैं। उनमें से हिजबुल मुजाहिदीन के 45, लश्कर के 20, जैश के 14, अल बद्र के 07, अंसार गजवत उल हिंद के 02 और एक आईएसजेके में शामिल हो गए जो कि इस्लामिक स्टेट से प्रेरित एक आतंकी संगठन है।

एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक मुठभेड़ में मरने वाले आतंकियों की पहचान से पता चलता है कि उनमें से अधिकतर स्थानीय हैं। हकीकत में मुठभेड़ों में मारे गए 90 फीसदी से ज्यादा आतंकी घाटी से संबंधित हैं।

गृह मंत्रालय के आंकड़ों से यह साफ हो जाता है कि 216 स्थानीय लोगों को भी शरण देने या आतंकियों को शरण देने के लिए गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से युवा तेजी से अलग हो रहे हैं। कोरोना के कारण युवाओं की गतिविधियां रुक गई हैं, स्कूल-कॉलेज बंद हैं। दूसरी तरफ कोविड की वजह से रोजगार पाने की रफ्तार में भारी गिरावट आई है।

 

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