DEFENCE

तेजस नौसेना के काम का नहीं निकला, अब विदेशी लड़ाकू विमान की तलाश

तेजस

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने स्वदेश निर्मित लड़ाकू विमान तेजस को भारी-भरकम बताकर खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि तेजस को समुद्री जहाज से हथियार लेकर उड़ान भरने में दिक्कत होती है। भारतीय रक्षा उद्योग के विकास और ‘मेक इन इंडिया’ मुहिम के लिए यह एक बड़ा झटका है। नौसेना अब अपनी रक्षा प्रणाली की क्षमता बढ़ाने के लिए विदेशी लड़ाकू विमान की तलाश कर रही है।





उल्लेखनीय है कि भारतीय नौसेना ने पिछले महीने ही अपने लड़ाकू विमान वाहक बेड़े में 57 विमान शामिल करने के लिए निर्माताओं को आमंत्रित किया है। पहले नौसेना की योजना तेजस को अपने बेड़े में शामिल करने की थी लेकिन तेजस को हथियारों से लैस होकर उड़ान भरने के लिए लम्बे रनवे की दरकार होती है और इतना लंबा रनवे समुद्री जहाज़ों में नहीं है। अरबों डॉलर के इस ऑर्डर से सरकार को उम्मीद थी कि 33 वर्षों की मेहनत से स्वदेश में निर्मित लड़ाकू विमान तेजस के निर्माताओं को बल मिलेगा। भारत, दक्षिण कोरिया, ताइवान और अन्य एशियाई देशों के खरीदार इस वर्ष स्वदेशी लड़ाकू विमान विकसित करने के प्रयासों में तेजी आने की उम्मीद कर रहे हैं, क्योंकि अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां इस क्षेत्र में कम दिलचस्पी दिखा रही हैं।

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