DEFENCE

रक्षा मंत्री ने कहा- अब जम्मू-कश्मीर से भागने लगे हैं आतंकी

अरुण जेटली

नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कश्मीर घाटी में आतंकी अब दबाव में हैं और अब आतंकी वहां से भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब वे दशकों तक लोगों को आतंकित नहीं कर सकते क्योंकि उनकी अपनी जिंदगी ही कुछ महीनों की बची है। सरकार की प्राथमिकता घाटी से हथियारबंद आतंकवादियों का पूरी तरह से खात्मा है।





एक निजी चैनल के कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने कहा, ‘नोटबंदी के बाद करेंसी की कमी और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा अलगाववादी नेताओं के हावाला कारोबार पर कार्रवाई के बाद पहली बार यह देखने को मिला कि आतंकवादी घाटी में बैंक लूट रहे हैं।’ जेटली ने कहा कि पहले जब मुठभेड़ होती थी तो सैकड़ों और हजारों लोग पत्थर फेंकने के लिए सड़कों पर उतर आते थे और कई बार इन पत्थरबाजों की आड़ में कई आतंकी भागने में कामयाब हो जाते थे, पर अब ऐसे पत्थरबाजों की संख्या 30 और 50 तक सिमट गई है।पहली बार धन हासिल करने के लिए आतंकियों ने बैंकों को लूटना शुरू किया है। कश्मीर में आतंकियों के तादाद में लगातार कमी आ रही है। उन्होंने इस संदर्भ में जम्मू-कश्मीर पुलिस की भी जमकर तारीफ की। जेटली ने कहा कि पहले बड़ी संख्या में आतंकवादी नियंत्रण रेखा पर करते थे, लेकिन अब सीमा पर सेनाओं का पूरी तरह दबदबा है।

जब उनसे पाकिस्तान द्वारा भारतीय सैन्यकर्मियों के सिर धड़ से अलग करने या उनके शवों को क्षतविक्षत करने संबंधी सवाल किया गया तो रक्षा मंत्री ने कहा, इसके बाद जो कुछ हुआ उसे सभी ने देखा। हालांकि, जेटली ने भूटान ट्राई-जंक्शन के पास डोकलाम इलाके में भारत और चीन के बीच जारी विवाद पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थिति संवेदनशील हैं और मैं किसी भी तरह की टिप्पणी सार्वजनिक तौर पर नहीं करूंगा। अपने सुरक्षा बलों पर हमें पूरा भरोसा होना चाहिए।

रक्षामंत्री ने कुछ आतंकी और माओवादी कृत्यों को महिमामंडत किए जाने पर चिंता भी जाहिर की। देश में इस्लामिक स्टेट (IS) के खतरे पर कहा कि अपवाद के रूप में कुछ घटनाएं हुईं हैं लेकिन कुल मिलाकर हमारा देश आईएस के खतरे से मुक्त है।

Comments

Most Popular

To Top