DEFENCE

कॉन्फ्रेंस में रक्षामंत्री ने कहा- सेनाओं का एकीकरण जरूरी

निर्मला-सीतारमण

नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीनों सेनाओं के तालमेल पर कहा कि बदलते हालात और भविष्य की चुनौतियों के मद्देनजर सशस्त्र सेनाओं का एकीकरण समय की मांग है और यह उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संकेत दिए कि अभ्यास आदि से इसकी शुरुआत की जा सकती है। सेना कमांडरों के सम्मेलन में रक्षा मंत्री ने शीर्ष सैन्य कमांडरों को संबोधित करते हुए डोकलाम गतिरोध के दौरान भारतीय सेना की पेशेवर कार्यशैली की जमकर सराहना की।





रक्षा मंत्री ने अपनी प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सशस्त्र सेनाओं के बीच ज्वाइंटनेस जरूरी है और खासकर प्रशिक्षण, संचार, साजो-सामान, साइबर क्राइम तथा अन्य क्षेत्रों में यह समय की जरूरत है क्योंकि इससे भविष्य की चुनौतियों और खतरों से मजबूती से निपटा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आपदाओं से निपटने के लिए सेना को जरूरी साजो-सामान से लैस करने के संबंध में उन्होंने गृहमंत्री से इस मसले पर चर्चा की है।

सेना से रक्षामंत्री ने कहा कि वह क्षेत्र में पड़ोसी देशों के साथ राजनयिक रक्षा सहयोग को और सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास करे और मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रमों की मदद से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि सेना का मनोबल बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार कभी पीछे नहीं हटेगी।

कमांडर कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि रक्षामंत्री ने पिछले कुछ दिनों में सियाचिन सहित हर क्षेत्र में अग्रिम मोर्चों का दौरा किया है और वहां की स्थितियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त की है। कॉन्फ्रेंस सोमवार को आरम्भ हुआ था और लगभग हफ्ते भर के इस सम्मेलन में शीर्ष सैन्य कमांडर देश के समक्ष खड़ी सुरक्षा संबंधी चुनौतियों तथा सेना को मजबूत बनाने से संबंधित मसलों पर गहन मंथन करेंगे।

भरोसा दिलाते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि सेना की ताकत और क्षमता बढ़ाने के लिए सामरिक ढांचागत विकास में तेजी के साथ-साथ सेना की अन्य लंबित मांगों पर ध्यान देंगी। उन्होंने सेना की क्षमता बढ़ाने, इसे आधुनिक बनाने और मौजूदा कमियों को दूर करने का भरोसा दिलाया।

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