DEFENCE

डोकलाम: चीन ने जारी किया 15 पन्नों का बयान

भारतीय और चीनी सेना

नई दिल्ली। डोकलाम के मुद्दे पर भारत और चीन में तनातनी के बीच चीन ने बुधवार को 15 पन्नों का बयान जारी किया है। इस बयान में चीन ने भारत को बिना किसी शर्त के अपनी सेना डोकलाम से हटाने को कहा है। चीन ने फिर आरोप लगाया है कि भारत भूटान को एक बहाने के तौर पर ही इस्तेमाल कर रहा है। चीन ने कहा कि ‘चाइना-भूटान सीमा विवाद’, चीन और भूटान के बीच है।





चीन का कहना है कि भारत इस मुद्दे पर तीसरी पार्टी के तौर पर ‘एंट्री’ कर रहा है। अपने बयान में चीन ने भारत पर सिर्फ चीन ही नहीं बल्कि भूटान की संप्रभुता को भी चुनौती दे रहा है। चीन का यह बयान भी उन्हीं बयानों की तरह है जो विवाद के बाद से ही पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और विदेश मंत्रालय की तरफ से पिछले दिनों में दिए गए हैं।

भारत-चीन सीमा

डोकलाम, डोका ला और डोंगयोंग को लेकर भारत और चीन के बीच सीमा विवाद गहरा गया है (फाइल फोटो)

बयान में चीन ने कहा है कि कोई भी देश उसकी संप्रभुता को चुनौती नहीं दे सकता है और वह अपनी रक्षा करने में सक्षम है। चीन की आर्मी किसी भी तरह के विरोध को झेलने की क्षमता रखती है। बयान में चीन ने आरोप लगाया है कि भारत के 400 से ज्यादा जवान 18 जून को करीब 180 मीटर तक चीनी इलाके में घुसे थे। जिस क्षेत्र को चीन अपना कह रहा है, वह डोकलाम भूटान का इलाका है। चीन के मुताबिक जुलाई में भी भारत के लगभग 40 जवान एक बुलडोजर के साथ चीन की सीमा में मौजूद हैं।

मंगलवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की 90वीं वर्षगांठ के मौके पर कहा कि चीन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि चीनी शांति प्रेमी हैं, लेकिन हम किसी भी आक्रमण को विफल करने का भरोसा रखते हैं। उन्होंने कहा कि हम अपनी जमीन का छोटा सा टुकड़ा भी किसी को अलग करने की इजाजत नहीं देंगे।

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