DEFENCE

भारत-सिंगापुर रक्षा मंत्रियों की 5वीं वार्ता 20 जनवरी को

रत और सिंगापुर के रक्षा मंत्रियों केबीच 5वीं वार्ता

नई दिल्ली। भारत और सिंगापुर के रक्षा मंत्रियों केबीच 5वीं वार्ता (DMD) 20 जनवरी को एक वीडियो कॉन्फेंस के माध्यम से सफलतापूर्वक आयोजित की गई और पिछले कुछ वर्षों में द्विपक्षीय सहयोग और रक्षा साझेदारी में मजबूती आई है। भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा और सुरक्षा संबंधों में, सशस्त्र बलों की तीनों सेनाओं के साथ-साथ रक्षा प्रौद्योगिकी और उद्योग के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर बढ़ोत्तरी हुई है और संभावनाएं बढ़ी है। दोनों देशों को बहुपक्षीय मंचों और कार्यों पर भी समान आधार प्राप्त हुआ है।





दोनों देशों के मंत्री इस 5वें डीएमडी मेंदोनों देशों कीनौसेनाओं के बीच पनडुब्बी बचाव सहायता एवं सहयोग पर हुए समझौतोंपर हस्ताक्षर करके बहुत प्रसन्न हुए। मंत्रियों ने लाइव फायरिंग संचालन को सुगम बनाने के लिए और सैन्य पाठ्यक्रमों की क्रॉस-अटेंडेंस के लिए पारस्परिक व्यवस्था स्थापित करने के लिए समझौतों को जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में अपना पूरा समर्थन भी प्रदान किया।

मंत्रियों द्वारा दोनों सशस्त्र बलों के लिए अगस्त 2020 में मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सहयोग पर समझौता सहित द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का विस्तार करने वाली पहलों का स्वागत किया गया, जिससे आपसी हितों वाली आपदाओं के लिए प्रतिक्रिया और क्षमता निर्माण गतिविधियों का परिचालन करने में घनिष्ठ सहयोग प्रदान किया जा सके। दोनों सशस्त्र बलों की साइबर एजेंसियों ने भी अपना मेल-मिलाप बढ़ा दिया है।

बातचीत के दौरान, दोनों मंत्रियों ने वैश्विक रूप से फैले हुए कोविड-19 महामारी का रक्षा और सुरक्षा कार्यों पर पड़ने वाले प्रभावों पर अपने-अपनेविचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें दोनों देशों के सशस्त्र बलों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाएं भी शामिल थीं। राजनाथ सिंह ने महामारी के चरम पर होने के दौरान विदेशी श्रमिकों की मदद के लिए सिंगापुर के सशस्त्र बलों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल थे। डॉ. एनजी ने भौगोलिक और जनसंख्यात्मक चुनौतियां होने के बावजूदकोविड की समग्र संख्या में कमी लाने की दिशामें भारत की सफलताओं की सराहना की।

महामारी के दौरान वर्चुअल बैठकों के माध्यम से दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वार्षिक संवादों की गति को बरकरार रखने के लिए दिखाई गई प्रतिबद्धता को दोनों मंत्रियों ने सराहा। इससे द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को सकारात्मक गति प्राप्त हुआ है तथा 2021 में और अधिक सहयोग की नींव तैयार हुई है।

मंत्रियों द्वाराइस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की गई कि भारतीय नौसेना और सिंगापुर नौसेना ने सिंगापुर-भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास (सिम्बेक्स) के 27वें संस्करण का सफलतापूर्वक संचालन किया और सिंगापुर-भारत-थाईलैंड समुद्री अभ्यास (सिटनेक्स) के दूसरे संस्करण में भी हिस्सा लिया; दोनोंअभ्यासों का आयोजन नवंबर 2020 में किया गया। ये अभ्यास नौसेनाओं के बीच पारस्परिकता को बढ़ावा देते हैं और देशों के साझा जिम्मेदारी को रेखांकित करते हैं, जिससे संचार की समुद्री रेखाओं को खुला रखा जा सके।

राजनाथ सिंह ने क्षेत्रीय सुरक्षा केलिए आसियान कोकेंद्र में रहने की पुष्टि की और आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (एडीएमएम)-प्लस के सभी प्रयासों के लिए भारत का समर्थन प्रदान करने का वादा किया। डॉ एनजी ने एचएडीआर पर एडीएमएम-प्लस विशेषज्ञों के कार्य समूह के लिए भारत की आगामी सह-अध्यक्षता के प्रतिअपना समर्थन व्यक्त किया।

दोनों मंत्रियों ने भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और बढ़ावा देने के लिएअपनी प्रतिबद्धता दिखाई और इस क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए बहुपक्षीय पहलों की प्रतिबद्धता को दोहराया।

Comments

Most Popular

To Top