Air Force

सुखोई लड़ाकू विमान से पहली बार दागी जाएगी ब्रह्मोस मिसाइल

BrahMos मिसाइल

नई दिल्ली।  थल सेना, नौसेना और वायुसेना सभी ने ब्रह्मोस मिसाइल में खास रुचि दिखाई है। हवा से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल की खासियत है सटीक निशाना लगाने की इसकी क्षमता। अंग्रेजी अखबार टाइम्स आफ इंडिया ने खबर दी है कि ध्वनि की गति से करीब तीन गुना अधिक (2.8 माक) गति से हमला करने में सक्षम इस मिसाइल के लाइट वर्जन (2.4 टन) का परीक्षण इस सप्ताह बंगाल की खाड़ी में दो इंजन वाले सुखोई फाइटर जेट से किया जाएगा। ऐसे में अब सुखोई लड़ाकू विमान से इस मिसाइल के मिलाप को रक्षा एक्सपर्ट एक ‘घातक संयोजन’ बता रहे हैं।





विमानों को दूर से ही निशाना साधने में सक्षम है ब्रह्मोस

ब्रह्मोस मिसाइल जमीन के अंदर बने परमाणु बंकरों, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स और समंदर के ऊपर उड़ रहे विमानों को दूर से ही निशाना बनाने में सक्षम है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से खबर है कि इस हफ्ते बंगाल की खाड़ी में दो इंजन वाले सुखोई फाइटर जेट से ब्रह्मोस मिसाइल के लाइट वर्जन (2.4 टन) का परीक्षण किया जाना है। हालांकि ब्रह्मोस मिसाइल के पहले वर्जन का वजन 2.9 टन है। ब्रह्मोस मिसाइल 290 किलोमीटर के दायरे में जमीन पर स्थित किसी ठिकाने पर सटीक निशाना साधने में महारत है। बता दें कि ब्रह्मोस को सैन्य बलों ने पहले ही अपने बेड़े में शामिल कर लिया है।

300 किमी की रेंज वाली मिसाइलों को बनाने में सक्षम होगा भारत 

भारत के साल 2016 में 34 देशों के संगठन मिसाइल तकनीक नियंत्रण समूह (MTCR) का हिस्सा बनने के बाद अब मिसाइलों की रेंज की सीमा भी अब खत्म हो चुकी है। ऐसे में अब सशस्त्र बल ब्रह्मोस मिसाइल के 450 किमी की दूरी तक मार करने वाले वर्जन की टेस्टिंग की तैयारी में हैं। MTCR की सदस्यता मिलने के बाद भारत 300 किमी की रेंज वाली मिसाइलों को तैयार करने में सक्षम होगा।

बहरहाल, ब्रह्मोस मिसाइल के हाईपरसोनिक वर्जन मतलब ध्वनि से पांच गुना तेज रफ्तार (माक- 5) को बनाने की तैयारियां आरंभ हो चुकी है और इसी के मद्देनजर सुखोई से ब्रह्मोस मिसाइल के दागे जाने बात सामने आई है।

दुनिया की सबसे फास्ट क्रूज मिसाइल 

ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल है। तेज गति से आक्रमण के मामले में दुनिया की कोई भी मिसाइल इसकी बराबरी नहीं कर सकती।

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