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स्पेशल रिपोर्ट: पाक ने विदेशी राजनयिकों को दिखाया नियंत्रण रेखा पर विध्वंस

भारतीय सेना के जवान
फाइल फोटो

नई दिल्ली। रविवार को जम्मू कश्मीर के मेंढर सेक्टर में नियंत्रण रेखा पार आतंकवादी ठिकानों को  भारतीय सेना द्वारा नष्ट किये जाने से  हुए विनाश को दिखाने के लिये पाकिस्तानी सेना  इस्लामाबाद स्थित विदेशी राजनयिकों को ले गई। राजनयिकों की इस टीम में शामिल होने के लिये भारतीय उच्चायुक्त को भी आमंत्रित किया गया लेकिन भारत सहित कई देशों के राजनयिकों ने इसमें शामिल  होने से मना कर दिया।





इसी दौरान पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना से आग्रह किया कि जब नियंत्रण रेखा पार विदेशी राजनियकों की टीम पहुंचे तब वहां पर संघर्षविराम का उल्लंघन न करें और  किसी तरह की गोलीबारी नहीं करें। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना के आग्रह का आदर करते हुए गोलीबारी नहीं की लेकिन जैसे ही पाकिस्तानी  सेना द्वारा वहां भेजी गई राजनयिकों की टीम  वापस गई पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण  रेखा से कुछ दूरी पर स्थित एक स्कूल पर गोलीबारी शुरू कर दी।

यहां भारतीय सेना के अधिकारी इसे पाक सेना का चिरपरिचित रवैया बताते  हैं। पाक सेना पर इस तरह भविष्य में कतई भरोसा नहीं किया जाएगा। यहां सैन्य हलकों में कहा जा रहा है कि क्या इस धोखे के बाद पाक सेना पर विश्वास किया जा सकता है। सैन्य अधिकारी पूछ रहे हैं कि पाक सेना ने 22 अक्टूबर को संघर्षविराम को क्यों तोड़ा। वास्तव में पाक सेना भारतीय सेना को उकसाना चाहती है ताकि भारतीय सेना की गोलीबारी से हुए नुकसान को विदेशी राजनयिकों औऱ विदेशी  मीडिया  को दिखाया जा सके।

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