Army

स्पेशल रिपोर्ट: जनरल करिअप्पा वन-कोर के बने प्रमुख

लेफ्टिनेंट जनरल कोडांदा पूवैय्या करिअप्पा
फाइल फोटो

नई दिल्ली। लेफ्टिनेंट जनरल कोडांदा पूवैय्या करिअप्पा ने मथुरा स्थित देश के प्रसिद्ध वन कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिग की हैसियत से जिम्मेदारी सम्भाल ली है। जिम्मेदारी सम्भालने के बाद उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता कोविड-19 के खतरों से निपटने में नागरिक प्रशासन की सहायता करना है।





जनरल करिअप्पा नेशनल डिफेंट एकेडमी और इंडियन मिलिट्री एकेडमी के स्नातक हैं और उन्हें 09 जून, 1984 को राजपुताना राइफल्स की चौथी बटालियन में कमीशन किया गया था। वह युद्ध रणनीति और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में माहिर माने जाते हैं। उन्होंने भारतीय थलसेना में विभिन्न कमांड, शैक्षणिक औऱ प्रशासनिक दायित्व सम्भाले हैं। उन्होंने देश के रेगिस्तानी.. पर्वतीय और मैदानी सीमांत इलाकों में थलसेना की ड्यूटी निभाई है। वह जटिल युद्ध रणनीति के संचालन में माहिर माने जाते हैं। वह देश के प्रतिष्ठित डिफेस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, आर्मी वार कॉलेज, और अमेरिकी वार कॉलेज के नेशनल डिफेंस कॉलेज में उच्च शिक्षा ग्रहण की है।

जनरल करिअप्पा मोजाम्बीक और इराक- कुवैत के इलाके में संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक सेना में तैनात रह चुके हैं। वह भारत के राष्ट्रपति के सेना सचिव भी रह चुके हैं। वन कोर की जिम्मेदारी सम्भालने के बाद जनरल करिअप्पा ने सैनिकों को पूरे उत्साह और जोश के साथ अपनी ड्यूटी निभाने का आह्वान किया।

Comments

Most Popular

To Top