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स्पेशल रिपोर्ट: सेना को मिलेगी नई भव्य इमारत

सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां दिल्ली कैंट में थलसेना के लिये नये मुख्यालय  थल-सेना भवन का शिलान्यास करने के बाद कहा कि तीनों सेनाओं को आपसी तालमेल, एकीकरण और साझा सहयोग को गहरा करना होगा।





रक्षा मंत्री ने कहा कि चीफ आफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति और सैन्य मामलों के विभाग का गठन  इसी दिशा में सरकार ने कुछ ऐसे कदम उठाए हैं। रक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि इस एकीकरण की वजह से  देश की सैन्य क्षमताओं को मजबूती देने में मदद मिलेगी और रक्षा से जुडे मसलों से निबटने में बेहतर तालमेल किया जा सकेगा।

थलसेना भवन का शिलान्यास करने के बाद वहां मौजूद अतिथियों को सम्बोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि  नये भवन में सेना के सभी विभाग  और सैन्य मामलों के विभाग (डिपार्टमेंट आफ मिलिट्री अफेयर्स) के सभी कार्यालय एक ही छत के नीचे आ जाएंगे। ये सभी विभाग साथ मिलकर  राष्ट्रीय सुरक्षा और  रक्षा से जुडे सभी मामलों का निबटारा  कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नया भवन सेनाओं का मूल्यवान संसाधन बचाने में अहम योगदान करेगा  और प्रशासनिक सक्षमता बढ़ाने में योगदान करेगा।

 रक्षा मंत्री ने नये थलसेना भवन के बारे में कहा कि यह  प्रेरणा का स्रोत बनेगा और लोगों को सैनिकों द्वारा की गई कुर्बानी की याद दिलाएगा। उन्होंने कहा कि देश के सैनिकों की कुर्बानी की वजह से ही भारत आज दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में उभर चुका है।  यह भवन लोगों को नये बढे हुए जोश के साथ नये लक्ष्यों को हासिल करने के लिये प्रेरित करेगा।

नया थलसेना भवन 39 एकड़ के इलाके में फैला होगा और इसमें 7.5 लाख वर्ग मीटर की जगह होगी। इसमें आफिस परिसर और पार्किंग की सुविधा होगी। उम्मीद की जा रही है कि यह भवन पांच साल में बन कर तैयार होगा। इसमें 1,700 नागरिक और सैनिक अफसरों और 1,300 स्टाफ  के बैठने की सुविधा होगी। गौरतलब है कि फिलहाल थलसेना मुख्यालय  साउथ ब्लाक,सेना भवन,  हटमेंट एरिया, आर के पुरम, शंकर विहार और अन्य इलाकों में बंटा हुआ है।

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