Army

भारतीय सेना को जानलेवा लैंडमाइन ब्लास्ट से बचाएगी नई तकनीक

लैंडमाइन ब्लास्ट

चंडीगढ़। सीमा पर और अन्य संवेदनशील इलाकों में भारतीय सेना को बारूदी सुरंग ढूंढने में बेकार की मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। अलावा इसके बारूदी सुरंग खोज रही सेना के विशेषज्ञों की टीम को खतरा भी कम रहेगा।





मीडिया खबरों के मुताबिक खास तकनीक पर आधारित यह उपकरण ऑस्ट्रिया निर्मित है। इस उपकरण की खासियत यह है कि यह न केवल जमीन बल्कि खारे पानी के भीतर भी काम कर सकेगा।

इस ‘ड्यूल टेक्नॉलोजी माइन डिटेक्टर’ उपकरण में दो तरह की तकनीक होगी। पहली तकनीक के अंतर्गत मेटल डिटेक्टर जमीन के नीचे हर तरह की धातुओं और खनिजों को डिटेक्ट करेगा और बीप की आवाज देगा। भारतीय सेना के पास पुराने लैंड माइन डिटेक्टर भी अभी इसी तकनीक पर काम करते हैं। दूसरी तकनीक के अंतर्गत यह उपकरण किसी भी तरह के खनिज पदार्थ को डिटेक्ट करने में आवाज नहीं करेगा।

गौततलब है कि अब लैंडमाइन भी अब नई नकनीक के जरिए बनाए जा रहे हैं जिसमें पूरी माइन बॉडी प्लास्टिक निर्मित होती है। लेकिन उसकी फायरिंग पिन को मेटल का ही बनाना पड़ता है और इस डिटेक्टर की नई तकनीक पिन को पकड़ने में कारगर है।

Comments

Most Popular

To Top