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डेरा हेडक्वार्टर के निकट सेना और पुलिस का फ्लैग मार्च

सेना का फ्लैग मार्च

चंडीगढ़/सिरसा। पंचकुला और सिरसा में कल की हिंसक झड़पों के बाद हालात फिलहाल नियंत्रण में है पर कई जगह बेहद तनावपूर्ण हैं। ये जानकारी गृह मंत्रालय ने दी है। इस बीच खबर ये है कि सेना और दंगारोधी पुलिस फोर्स पर्याप्त संख्या के साथ फ्लैग मार्च पर है और स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है। शुक्रवार को कोर्ट के फैसले के बाद पंचकूला और आसपास के इलाकों में व्यापक स्तर पर हुई हिंसा, आगजनी और पुलिस फायरिंग में कम से कम से कम 31 लोग मारे गए और 250 अन्य जख्मी हो गए। इस बीच हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट ने मनोहर लाल खट्टर सरकार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि अपनी राजनीतिक स्वार्थ के लिए पंचकूला को जलने के लिए छोड़ दिया। ये भी कहा कि समूचे हालात के सामने सरकार ने घूटने टेक दिए।





एक अधिकारी के मुताबिक उत्तर भारत के हालात का जायजा लेने के लिए गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी, अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों के प्रमुख मीटिंग में शरीक होंगे। गृह मंत्री राजनाथ ने कहा कि हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की है। साथ-साथ किसी भी स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय सहायता मुहैया करने का भरोसा दिलाया।

अदालत द्वारा गुरमीत को दोषी ठहराए जाने के बाद उनके हजारों अनुयायी हिंसक हो गए। उन्होंने वाहनों, इमारतों और रेलवे स्टेशनों पर आगजनी की। पंचकूला से आरम्भ तनाव इतना बढ़ा कि उग्र रूप लेते हुए हरियाणा एवं पंजाब के अन्य भागों और यहां तक कि दिल्ली में भी फैल गई। दिल्ली में भी एक बस और ट्रेन की दो बोगियों को आग के हवाले कर दिया गया।

शुक्रवार को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट को एक जनहित याचिका पर सुनवाई के वक्त उपद्रव से हुए नुकसान की भरपाई के लिए गुरमीत राम रहीम की संपत्ति बेचने का आदेश दिया था। शनिवार को इसी मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की फुलबेंच के सामने की जाएगी। इस सुनवाई में पुलिस अदालत के सामने हिंसा के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की रिपोर्ट भी पेश करेगी। इसी के आधार पर कोर्ट पुलिस को आगे की कार्रवाई का आदेश सुना सकती है।

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