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दुश्मन को खौफजदा कर देनेवाले सेना के ‘युद्धघोष’

भारतीय सेना की प्रसिद्ध रेजिमेंट्स के 'युद्धघोष'

बात जब भारतीय सेना की हो तो अलग-अलग रेजिमेंट्स का खयाल जेहन में आता है लेकिन अलग-अलग होकर भी वे एक साथ देश के लिए अपनी जिन्दगी दांव पर लगाने को तैयार रहते हैं। हर रेजिमेंट का अपना एक अलग नारा होता है जो जंग के मैदान में जवानों का उत्साह दोगुना कर देता है। आज हम आपको बता रहे हैं इन्हीं रेजिमेंट्स के प्रसिद्ध युद्ध उद्घोष के बारे मेः





ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट  

ग्रेनेडियर्स रेजीमेंट् – भारतीय सेना

इस रेजिमेंट को सेना में सबसे शक्तिशाली रेजिमेंट माना जाता है। जब दुश्मन इनके सामने हो तो इनका सिर्फ एक ही ध्येय वाक्य होता है ‘सर्वदा शक्तिशाली’ यानी किसी भी परिस्थिति में मजबूत बने रहना है।

राजपूताना रेजिमेंट

राजपूताना रेजीमेंट –भारतीय सेना

अपने नाम की तरह इस रेजिमेंट का काम भी है। इस रेजिमेंट के पास ऐसे ही जवान हैं, जो दुश्मन के पैर जमीन पर टिकने नही देते हैं। ‘सर्वत्र विजय’ के नारे के साथ ये दुश्मन को ललकारते हुए उसका विनाश कर डालते हैं।

मराठा रेजिमेंट का नारा

मराठा रेजीमेंट -भारतीय सेना

मराठा रेजिमेंट जिसे ‘गणपत रेजिमेंट’ भी कहा जाता है। ड्यूटी, ऑनर साहस को ध्यान में रखते हुए इस रेजिमेंट के जवान ‘बोल छत्रपति शिवाजी महाराज की जय’ का नारा लगाते हुए दुश्मन को नेस्तोनाबूद कर डालते हैं।

जाट रेजीमेंट का युद्ध घोष

जाट रेजीमेंट –भारतीय सेना

 

‘संगठन व वीरता’ जाट रेजिमेंट की पहचान है। इसमें ऐसे जांबाज जवान हैं जो दुश्मन के घर में घुस कर मारते हैं। ‘जाट बलवान, जय भगवान’ का युद्ध घोष करते हुए जंग के मैदान में आगे बढ़ते हैं।

गोरखा रेजिमेंट

गोरखा रेजीमेंट –भारतीय सेना

गोरखा रेजिमेंट किसी परिचय की मोहताज नहीं है। उनका जयघोष ‘जय महा काली, आयो गुरखाली’ ही दुश्मन में खौफ पैदा करने के लिए काफी है ‘कायरता से मरना अच्छा’ के साथ अपने टार्गेट को नष्ट करना, अपने लक्ष्य को हासिल करना ही इनका सबसे बड़ा उद्देश्य होता है।

पैराशूट रेजिमेंट

पैराशूट रेजिमेंट-भारतीय सेना

‘शत्रुजीत’ यानी शत्रु पर विजय प्राप्त करना तथा ‘सर्वदा शक्तिशाली’ के आदर्श वाक्य के साथ ये जवान दुश्मन से लोहा लेने को तैयार रहते हैं।

पंजाब रेजिमेंट

पंजाब रेजिमेंट –भारतीय सेना

‘स्थल और जल’ यानी भूमि और जल का अनुसरण करते हुए पंजाब रेजिमेंट के जवान ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ का नारा लगाते हुए युद्धभूमि में आगे बढ़ते रहते हैं।

गढ़वाल रेजिमेंट

गढ़वाल रेजिमेंट-भारतीय सेना

‘युद्धाय कृति निश्चय’ या ‘दृढ निश्चय के साथ युद्ध करो’ यही गढ़वाल रेजिमेंट का ध्येय वाक्य है। इस रेजिमेंट के जवान जब जंग के मैदान में होते हैं तो उनका एक ही नारा होता है ‘बद्री लाल विशाल की जय’

कुमाऊं रेजिमेंट

कुमाऊं रेजिमेंट –भारतीय सेना

‘पराक्रमों विजेयता’ यानी साहस की ही जीत होती है। इनका युद्धघोष होता है ‘कलिका माता की जय’ या ‘बजरंग बली की जय’।

असम रेजिमेंट

असम रेजिमेंट- भारतीय सेना

अपने आदर्शवाक्य ‘असम विक्रम’ का अनुसरण करती असम राइफल्स के जवान युद्ध के दौरान ‘रिहनो चार्ज’ के उद्घोष के साथ दुश्मन से दो-दो हाथ करते हैं।

महार रेजिमेंट

महार रेजिमेंट-भारतीय सेना

‘यशः सिद्धि’ का अनुसरण करते हुए महार रेजीमेंट के जवान युद्धस्थल पर ‘बोलो हिन्दुस्तान की जय’ का नारा लगाते हुए विजय का परचम लहराते हैं।

जम्मू कश्मीर राइफल्स

कश्मीर रेजिमेंट-भारतीय सेना

‘पराषता रणवीरता’ इस रेजीमेंट का आदर्श वाक्य है। ‘दुर्गा माता की जय’ पुकारते हुए इसके जवान शत्रु पर विजय पा लेते हैं।

बिहार रेजिमेंट 

बिहार रेजिमेंट –भारतीय सेना

‘करम ही धर्म’ के उद्देश्य का पालन करते हुए बिहार रेजिमेंट ‘बिरसा मुंडा की जय’ और ‘जय बजरंग बली’ का नारा लगाती है।

मद्रास रेजिमेंट

मद्रास रेजिमेंट-भारतीय सेना

‘स्वधर्म निधानम श्रेयः’ इसका अर्थ है ‘अपने कर्तव्य निभाते हुए प्राण देने से बेहतर कुछ नहीं’। इनका उद्देश्य होता है ‘वीर मद्रासी आदि कोल्लू, आदि कोल्लू यानी ‘बहादुर मद्रासी मार डालो’

डोगरा रेजिमेंट  

डोगरा रेजिमेंट-भारतीय सेना

डोगरा रेजिमेंट का आदर्श वाक्य है ‘कर्तव्यं अन्वात्मा’ यानि ‘मरने से पहले अपना कर्तव्य पूरा करो’ और ये जवान युद्ध के मैदान में ‘ज्वाला माता की जय’ का एक साथ उद्घोष करते हैं।

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