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Infantry Day Special: ये हैं खेल मैदान के 9 ‘अर्जुन’

सेना और खेलों का चोली-दामन का साथ है। वस्तुतः सेना में भर्ती होने के लिए खिलाड़ी जैसी फिटनेस की जरूरत होती है। यही वजह है कि भारतीय सेना ने समय-समय पर दुनिया को कई ख्यात खिलाड़ी दिए हैं। खेल और सेना का रिश्ता कितना गहरा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जन्म दिन खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। पर आज हम उन इन्फैंट्री के उन खिलाड़ियों की बात कर रहे हैं जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में देश का नाम रोशन कियाः





माउंट एवरेस्ट की चोटी को छूने वाला पहला भारतीय

 

माउंट एवरेस्ट की चोटी

यह तो सभी जानते हैं कि कैप्टन अवतार सिंह चीमा (SM, VSM) पहले भारतीय हैं जिन्होंने माउंट एवरेस्ट की चोटी को छुआ। वर्ष 1965 की 20 मई को कैप्टन चीमा और शेरपा नवांग गोम्बु दुनिया की इस सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने में सफल रहे। माउंट एवरेस्ट को फतह करने के भारतीय सेना के इस अभियान को पहले दो प्रयास फेल होने के बाद तीसरे प्रयास में कामयाबी मिली। कैप्टन अवतार सिंह चीमा तीसरा प्रयास करने वाले दल का हिस्सा थे। वैसे इस अभियान दल के नौ सदस्यों ने चोटी पर पहुंचकर नया रिकार्ड बनाया। उस वक्त तक एक साथ इतने पर्वतारोही चोटी तक नहीं पहुंच पाए थे। यह रिकार्ड 17 वर्ष तक बना रहा। सातवीं बटालियन पैराशूट रेजीमेंट के कैप्टन चीमा बाद में प्रोन्नत होकर कर्नल बने। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें अर्जुन अवार्ड और पदमश्री से सम्मानित किया गया।

 

 

 

 

 

 

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