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भारत-मंगोलियन सेना के बीच संयुक्‍त अभ्‍यास का 14वां संस्‍करण ‘नोमेडिक एलीफैंट-XIV’

भारत-मंगोलियन सेना

नई दिल्ली। भारत-मंगोलिया संयुक्‍त सैन्‍य प्रशिक्षण अभ्‍यास का 14वां संस्‍करण ‘नोमेडिक एलीफैंट-XIV’ 6 अक्टूबर को शुरू हुआ। यह संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास बकलोह में 05 से 18 अक्‍टूबर तक चलेगा। मंगोलिया की सेना का प्रतिनिधित्व 084 एयर बोर्ने स्पेशल टास्क बटालियन के अधिकारी और सैनिक कर रहे हैं जबकि भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व राजपूताना राइफल्स रेजिमेंट की एक बटालियन कर रही है।





नोमेडिक एलीफैंट-XIV संयुक्‍त राष्‍ट्र के अधिदेश के तहत सैनिकों को विद्रोह और आतंकवाद से निपटने की कार्रवाइयों का प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्‍य से दोनों देशों के बीच आयोजित होने वाले सैन्‍य अभ्‍यास का 14वां संस्‍करण है। संयुक्त अभ्यास से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और सैन्य संबंधों में वृद्धि होगी। यह दोनों देशों की सेनाओं के लिए अपने अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान पारस्परिक अनुभवों से लाभ प्राप्त करने का एक आदर्श मंच है।

इस संयुक्त प्रशिक्षण का उद्देश्य आतंकवादी घटनाओं से निपटने से संबंधित कार्रवाइयों के दौरान एकजुट होकर कॉन्वॉय प्रोटेक्शन ड्रिल, रूम इंटरवेंशन ड्रिल्स, एम्बुश/काउंटर एम्बुश ड्रिल्स जैसे विभिन्न सामरिक कौशलों को विकसित करना है। संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान दोनों देशों के सैनिकों की मौजूदगी वाली एक सबयूनिट द्वारा प्रतिकूल परिस्थितियों में कार्रवाइयों के संचालन पर बल दिया जाएगा, इस तरह दोनों देशों के बीच पारस्परिकता में बढ़ोतरी होगी। दोनों सेनाओं द्वारा नियोजित प्रशिक्षण उनमें संयुक्त कार्रवाइयां की क्षमता का निर्माण करने की दिशा में मार्ग प्रशस्‍त करेगा।

इस अभ्यास के तहत  विद्रोह से निपटने और आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों से संबंधित महत्वपूर्ण व्याख्यान, प्रदर्शन और अभ्यास आयोजित किए जाएंगे। दोनों सेनाएं ऐसी परिस्थितियों का मुकाबला करने से संबंधित अपने बहुमूल्य अनुभवों और साथ ही संयुक्त कार्रवाइयों के लिए बेहतर अभ्यास और प्रक्रियाओं को भी साझा करेंगी।

इस अभ्यास का समापन 72 घंटे के सत्यापन चरण के साथ होगा जो आतंकवाद निरोधी परिदृश्य में संयुक्त कार्रवाई करने के सैनिकों के कौशल का परीक्षण करेगा।

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