Army

शहीद राइफलमैन रामअवतार की अंतिम यात्रा में उमड़ा पूरा गांव

ग्वालियर। राजौरी में दुश्मनों का मुकाबला करते शहीद हुए राइफलमैन रामअवतार का अंतिम संस्कार सोमवार को उनके गांव बरौआ में पूरे सम्मान के साथ कर दिया गया। शहीद रामअवतार की अंतिम यात्रा में क्या बच्चे, क्या जवान और क्या बुजुर्ग समूचा गांव उमड़ आया। हर आंख नम थी। हरेक की जुबान पर सिर्फ यही शब्द थे कि जवानों की शहादत का बदला पाकिस्तान से लेना होगा। शहीद रामअवतार की पत्नी रचना लोधी ने कहा पाकिस्तान ने हमारे 4 सैनिक मारे हैं, हमें उसके 40 सैनिकों को मारना चाहिए। शहीद राम अवतार के तीन वर्ष के बेटे दिव्यांश और छोटे भाई शंकर ने मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने शस्त्र उल्टे कर अंतिम सलामी दी। अंतिम संस्कार में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर और जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद रामअवतार के परिजनों को एक करोड़ रुपये, फ्लैट या प्लॉट, परिवार के सदस्य को नौकरी तथा माता-पिता को पांच हजार रुपये पेंशन देने की घोषणा की है। उन्होंने शहीद रामअवतार की प्रतिमा लगाने का ऐलान भी किया।





हर आंख हो गई नम

शहीद रामअवतार का पार्थिव शरीर सोमवार की शाम वायुसेना के विशेष विमान से ग्वालियर पहुंचा और फिर वहां से सेना के अधिकारी सेना के वाहन में लेकर बरौआ गांव पहुंचे। शहीद का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचते ही परिजनों और संबंधियों का धैर्य टूट गया। शहीद की पत्नी रचना, मां, बहन और सास तथा अन्य परिजन शहीद की पार्थिव देह से लिपट गई। वहां मौजदू सभी लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

कहकर गए थे होली पर आऊंगा छुट्टी

शहीद रामअवतार के परिवार में माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी रचना और तीन वर्ष का बेटा व तीन महीने की बेटी है। भाई रामशंकर लोधी ने बताया कि दिसंबर में भाई रामअवतार जब घर आए थे तो कहकर गए थे कि होली पर जब छुट्टी लेकर आऊंगा तो छोटी बहिन की शादी का रिश्ता तय करेंगे। परिवार उनके छुट्टी आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। दो दिन पहले शहीद रामअवतार ने पत्नी से वीडियो कॉल के जरिए बात की थी। रामअवतार अकसर वीडियो कॉल पर अपनी दुधमुंही बेटी के हाव-भाव और उसे खेलते देखते थे। आखिरी बार बातचीत में पत्नी को उन्होंने कहा था कि जल्दी घर आऊंगा।

कुछ समय पहले ही मिली थी पदोन्नति

रामअवतार सेना में रसोइए के रूप में भर्ती हुए थे। कुछ समय पहले ही उन्हें राइफलमैन के रूप में पदोन्नत किया गया था। रचना के साथ उनकी शादी पांच वर्ष पहले हुई थी। केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर ने कहा कि शहीद राअवतार की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। पाकिस्तान की इस हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर के किसी स्थान का नाम शहीद रामअवतार के नाम पर रखा जाएगा।

Comments

Most Popular

To Top