Air Force

Special Report: वायुसेना के पश्चिमी कमांड प्रमुख रिटायर

फाइल फोटो

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के पश्चिमी वायुसैनिक कमांड के एयर आफीसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल बी सुरेश ने वायुसेना में 40 सालों की सेवा के बाद 31 जुलाई को अवकाश ग्रहण कर लिया।





एय़र मार्शल सुरेश ने 1980 में भारतीय वायुसेना में लडाकू पायलट के तौर पर कमीशन ग्रहण किया था।  वह राष्ट्रीय  इंडियन मिलिट्री कालेज , देहरादून के छात्र रहे हैं। बाद में वह नैशनल डिफेंस एकेडमी , खडकवासला से स्नातक हुए। वह लडाकू पायलटों के स्कूल टैक्टिक्स एंड एय़र कम्बैट डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट में स्वोर्ड आफ आनर से सम्मानित हुए।  उन्होंने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कालेज, वेलिगंटन से स्नातकोत्तर की पढाई की औऱ बाद में वह   ब्रिटेन के  श्रीवेन्हम स्थित क्रैनफील्ड विश्वविद्यालय  से उत्तीर्ण हुए।  उन्होंने समुद्री और रात की आसमानी लडाई में महारत हासिल की है। करगिल युद्ध के दौरान उन्हें पश्चिमी सेक्टर में तैनात किया  गया था।

बाद में वह वायुसेना प्रमुख के एय़र एसिस्टेंट बने  और इसके बाद वायुसेना मुख्यालय में  चार सालों तक एय़र आपरेशंस ( हवाई  रक्षा) के  असिस्टेंट चीफ आफ एय़र स्टाफ बनाए गए।  वायुसैनिक हलकों में उन्हें   हवाई रणऩीतिज्ञ के तौर पर जाना जाता है।

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