Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: भारतीय वायुसेना के दस्ते में शामिल हुआ तेजस

वायुसेना में शामिल हुआ तेजस
फाइल फोटो

नई दिल्ली। हिंदुस्तान ऐरोनाटिक्स लि.( HAL) द्वारा निर्मित लाइट कम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस के फाइनल आपरेशनल स्टैंडर्ड ( FOC) की किस्म को अब भारतीय वायुसेना के लड़ाकू स्क्वाड्रन फ्लाइंग बुलेट्स में शामिल कर लिया गया। इसके लिये तमिल नाडु के सुलुर स्थित वायुसैनिक अड्डे में एक सादा समारोह आयोजित किया गया।





HAL के एक प्रवक्ता ने बताया कि इसने हैल के इतिहास में एक नया अध्याय जोडा है। हैल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आर माधवन ने इस उपलब्धि पर कहा कि तेजस की इनीशियल आपरेशनल क्लियरेंस (IOC) की तुलना में काफी घातक विमान भारतीय वायुसेना को पेश करते हुए हमें गर्व हो रहा है। IOC किस्म की सभी क्षमताओं के अलावा FOC किस्म के विमान में आसमान में ही ईधन भरने की क्षमता है। इसके अलावा इसमें क्लोज कम्बैट गन, अतिरिक्त ड्राप टैंक, आंखों की दृष्टि से दूर जाने वाली बी वी आर मिसाइल , अधिक उन्नत एवियानिक्स और फ्लाइट कंट्रोल साफ्टवेयर सूट आदि तैनात है।

HAL के चेयरमैन ने बताया कि FOC किस्म के तेजस की देखरेख करने में कम मानव वक्त लगेगा जिससे वायुसेना के लिये इसकी उपलब्धता अधिक रहेगी। हेल के प्रवक्ता ने बताया कि FOC किस्म के चार और तेजस विमान उत्पादन की उन्नत अवस्था में हैं। FOC किस्म के विमान के लिये हैल ने पायलटों और मेनटेनेंस स्टाफ की ट्रेनिग शुरु कर दी है। इसका पहला बैच वायुसेना के 18 स्क्वाड्रन के साथ जुड चुका है।

गौरतलब है कि तेजस विमान की IOC किस्म का स्क्वाड्रन तीन साल पहले सुलुर वायुसैनिक अड्डे से संचालित हो रहा है।

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