Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: सुखोई- 30 में अधिक संख्या में लगेंगी ब्रह्मोस मिसाइलें

सुखोई एमकेआई से मिसाइल का परीक्षण
फाइल फोटो

नई दिल्ली। हाल में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को लॉन्च करने में कामयाबी के बाद भारतीय वायुसेना ने तय किया है कि अधिक संख्या में इन मिसाइलों को तैनात किया जाएगा।





यहां वायुसैनिक सूत्रों के मुताबिक सुखोई-30 एमकेआई से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के तीसरे कामयाब परीक्षण से वायुसेना काफी उत्साहित है औऱ इससे मिले अच्छे नतीजों के बाद यह तय किया है कि अधिक से अधिक संख्या में सुखोई-30 एमकेआई विमानों को ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस किया जाएगा ताकि सुखोई-30 विमानों की मारक क्षमता बढ़ाई जा सके।

सूत्रों के मुताबिक शुरू में योजना थी कि केवल 40 सुखोई-30 मिसाइलों को ही ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस किया जाएगा लेकिन अब तय किया गया है कि करीब 80 सुखोई-30 विमानों को ब्रह्मोस लांच करने लायक बनाया जाएगा। इसके लिये रूस से सुखोई-30 की सप्लाई के जो नये आर्डर दिये गए हैं उन्हें शुरू से ही ब्रह्मोस छोड़ने लायक बनाया जाएगा।

गौरतलब है कि ब्रह्मोस मिसाइलें करीब 300 किलोमीटर दूर तक मार कर सकती हैं। जब पाकिस्तान में बालाकोट आतंकवादी अड्डों पर हमला करने का फैसला किया गया था तब यदि सुखोई-30 में ब्रह्मोस छोड़ने की सुविधा होती तो बालाकोट पर इन्हीं मिसाइलों से हमला किया जाता। इससे पाकिस्तान के नभक्षेत्र में घुसने की जरूरत नहीं होती और दुश्मन के हमलों से डरे बिना दुश्मन के इलाकों पर हमले किये जा सकते थे। ब्रहमोस मिसाइलों की बदौलत अपने नभक्षेत्र में उड़ते हुए ही सुखोई-30 विमान दुश्मन के इलाके में काफी भीतर किसी सामरिक तौर पर अहम ठिकानों पर हमले किये जा सकेंगे।

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