Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: अगस्त के अंत तक चीन की सीमा पर तैनात होंगे राफेल

दसॉल्ट राफेल
फाइल फोटो

नई दिल्ली। फ्रांस में भारतीय वायुसेना के लिये बन रहे 36 राफेल लड़ाकू विमानों में से पहले 05 विमानों की खेप जुलाई के अंत तक भारत पहुंच जाएगी। यहां वायुसेना के प्रवक्ता ने इस आशय की रिपोर्टों की पुष्टि करते हुए कहा कि राफेल विमानों को अगस्त के मध्य में भारतीय वायुसेना में औपचारिक तौर पर शामिल करने की योजना है। राफेल लड़ाकू विमानों का स्क्वाड्रन अम्बाला वायुसैनिक स्टेशन पर तैनात होगा।





इसके बाद इन विमानों को पूर्वी लद्दाख के चीन से लगे सीमांत इलाकों में तैनात किये जाने की सम्भावना है। राफेल विमानों से भारतीय वायुसेना की प्रहारक शक्ति में भारी इजाफा होगा।

अम्बाला में राफेल विमानों को शामिल करने का औपचारिक कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान मीडिया को भी आमंत्रित किया जाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि राफेल विमानों को उड़ाने और इसके संचालन व देखरेख के लिये एयर क्रु और ग्राउड क्रू को फ्रांस में ही गहन ट्रेनिंग दी गई है। राफेल विमान अपने अत्यधिक अडवांस्ड शस्त्र प्रणालियों से लैस होगा। विमान समाघात तौर पर पूरी तरह तैयार अवस्था में फ्रांस से भारत आ रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि भारत पहुंचने के बाद इन्हें वायुसेना में शामिल कर सक्रिय तौर पर तैनात करने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाएगी।

गौरतलब है कि राफेल विमानों में हवा से हवा में मार करने वाली मेटियोर और हवा से जमीन पर मार करने वाली स्काल्प लम्बी दूरी की मिसाइलें लगी हैं।

गौरतलब है कि 36 राफेल लड़ाकू विमानों को फ्रांस से खरीदने का सौदा साल 2016 के मध्य में किया गया था। इन विमानों की खरीद पर 7.8 अरब यूरो की लागत आई है।

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