Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: राफेल पर लगा हैमर रॉकेट चीनी सैन्य ठिकानों को मिनटों में करेगा तबाह

राफेल विमान
फाइल फोटो

नई दिल्ली। राफेल लडाकू विमानों पर तैनात होने वाले हैमर राकेटों की बदौलत भारत चीन की सभी रणनीतिक योजनाओं को बेअसर करने की ताकत हासिल कर लेगा। हैमर राकेट से  वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार चीन ने जितने सैन्य ढांचे स्थापित किये हैं उन्हें मिनटों में स्वाहा करनेकी क्षमता भारत हासिल करने जा रहा है।





फ्रांस से इस महीने के अंत तक  भारत भेजे जा रहे राफेल लडाकू विमानों में  हवा  से जमीन  पर अचूक मार करने वाले हैमर लेजर गाइडेड राकेट भी तैनात किये जाएंगे। चीन के साथ पूर्वी लद्दाख के सीमांत इलाकों में चल रहे मौजूदा सैन्य तनावों के बीच भारत ने अपनी हमलावर क्षमता में भारी  इजाफा करने का अहम फैसला  किया है।
गौरतलब है कि राफेल विमानों की पहली खेप इस महीने के अंत तक भारत पहुंचने वाली है। फ्रांस से 59 हजार करोड रुपये के सौदे के तहत 36 राफेल लडाकू विमानों को हासिल किया जाएगा । इसमें से पहले पांच राफेल विमानों की खेप इस महीने के अंत तक अम्बाला वायुसैनिक अड्डे पर पहुंचेगी।

राफेल विमानों में लम्बी दूरी की मार करने वाली मेटियोर और स्काल्प मिसाइलों को भी तैनात किया जाएगा लेकिन हैमर राकेटों की संहारक क्षमता अदिवतीय है। हैमर राकेट कंक्रीटके बंकरों , सैन्य शिविरों  पर अचूक वार कर उसे ध्वस्त कर सकता है। इसकी मारक दूरी 20 से 70 किलोमीटर तक है। इससे पता चलता है कि राफेल विमान अपनी वायुसीमा में उडते हुए दुश्मन के सैन्य ठिकानों को तबाह कर सकता है। हैमर राकेटों से यह सुविधा होगी कि  उन ठिकानों को ध्वस्त करने के लिये वहां थलसेना के सैनिकों को जमीन  हमला करने की जरुरत नहीं होगी। चीनी सैन्य अड्डों को हैमर राकेटों  के जरिये आसमान से ही ध्वस्त किया जा सकता है।

यहां सूत्रों ने बताया कि चीन से चल रहे तनाव के मद्देनजर वायुसेना ने आपात खरीद अधिकार के तहत हैमर राकेटों को हासिल कर राफेल पर तैनात करने का फैसला किया। सभी मौसमों में इस्तेमाल में लाया जाने वाला हैमर राकेट इस्राइल के स्पाइस राकेट के समान है जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान के भीतर बालाकोट आतंकी ठिकानों पर  मिराज-2000 विमानों से पिछले साल फरबरी में हमले के लिये  गया था। राफेल पर 300 किलोमीटर तक मार करने वाली हवा से जमीन पर मार करने वाली स्काल्प मिसाइल औऱ 120 से 150 किलोमीटर तक हवा से हवा में मार करने वाली मेटियोर मिसाइलें भी तैनात होंगी।

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