Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: भारतीय लड़ाकू विमान तेजस का ईंधन टैंक गिरा

तेजस का ईंधन टैंक गिरा

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के एक स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में भारी तकनीकी खामी मंगलवार की सुबह उजागर हुई। कोयम्बतूर के निकट सुलूर वायुसैनिक अड्डे से लाइट कम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस विमान अपनी सामान्य उड़ान पर निकला था। आसमान में पहुंचते ही तेजस का ईंधन टैंक विमान से अलग हो गया लेकिन पायलट ने अपनी सूझबूझ से विमान को वायुसैनिक अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया।





यहां वायुसेना के प्रवक्ता ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि इस घटना की वजह की जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि  भारतीय वायुसेना के तेजस विमान का पहला स्क्वाड्रन  सुलूर पर तैनात है। विमान  का ईंधन टैंक जमीन पर गिरने की वजह से किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। सुलूर में तैनात वायुसेना का तेजस स्क्वाड्रन फ्लाईग ड्रैगन या नम्बर 45 स्क्वाड्न  के नाम से जाना जाता है। यह स्क्वाड्रन  पहले बैंगलुरु में स्थित था जिसे जुलाई , 2018 में सुलूर में भेजा गया।  भारतीय वायुसेना के दक्षिणी कमांड  का  यह पहला लड़ाकू स्क्वाड्रन है।

गौरतलब है कि  गत 27 जून को भी वायुसेना का एक जगुआर विमान पक्षियों के झुंड से टकरा  गया था जिससे इसका इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था। ऐसी हालत में पायलट ने विमान के ईंधन टैंक को गिरा दिया और सुरक्षित हवाई अड्डे पर अपने विमान को उतार लिया था।

 उल्लेखनीय है कि भारतीय वायुसेना ने एलसीए तेजस विमान को अपना हिस्सा बनाने की मंजूरी दे दी है। इसे लड़ाकू भूमिका के लिये फाइनल आपरेशनल क्लीयरंस पिछले साल दी गई है।

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