Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: ‘लड़ाकू विमान राफेल के बाद दुश्मन को दो बार सोचना होगा’

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया

नई दिल्ली। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने कहा है कि भारतीय वायुसेना में जब फ्रांस में बना राफेल लड़ाकू विमान अगले साल मई तक शामिल हो जाएगा तब दुश्मन को कोई दुस्साहस करने के पहले दो बार सोचना होगा।





यहां एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा कि मई, 2020 में चार राफेल विमानों की पहली खेप शामिल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वायुसेना में राफेल  को शामिल करना अहम साबित होगा क्योंकि  इन विमानों से वायुसेना की लड़ाकू क्षमता में भारी इजाफा होगा।  उऩ्होंने कहा कि सुखोई-30 भी  एक  ताकतवर विमान है इसलिये राफेल औऱ सुखोई- 20 को मिलाकर हम अपनी वायुसेना की संयुक्त ताकत के तौर पर पेश किया जाए।

लड़ाकू विमानों के मौजूदा बेड़े को मजबूत करने की जरूरत बताते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि जगुआऱ औऱ मिराज- 2000 विमानों का अपग्रेड किया जा रहा है। इनका इस स्तर तक अपग्रेड किया जाएगा कि हमारी लड़ाकू क्षमता कई गुना बढ़ जाए। वायुसेना के लिये अपनी दीर्घकालीन योजना पेश करते हुए एयरचीफ मार्शल भदौरिया ने कहा कि देश के घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने का यह उचित मौका है। राफेल लड़ाकू  विमान और एस- 400 एंटी मिसाइल प्रणाली को हासिल करने से लड़ाकू विमानों की हमारी तात्कालिक जरुरत पूरी हो गई है। यह उचित समय है कि हम  घरेलू उद्योगों से विमान औऱ शस्त्र प्रणालियों का विकास करें। उन्होंने कहा कि देश में रक्षा उद्योगों को स्टील्थ तकनीक, अडवांस्ड सेंसर, डेटा फ्यूजन, कृत्रिम बौद्धिक प्रणालियों का इस्तेमाल  आदि  के अलावा लम्बी दूरी के  और अचूक निशाना लगाने वाली शस्त्र प्रणालियों का विकास करना होगा।

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि घरेलू विकसित विमान का इस्तेमाल करना ही हमेशा बेहतर होता है क्योंकि इसे हम अपनी जरूरत के अनुरूप शस्त्र प्रणालियों की तैनाती कर सकते हैं।

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