Air Force

Special Report: वायुसेना ने ऐसे पहुंचाई गैस लीक से निपटने में मदद

AN-32 एयरक्राफ्ट
फाइल फोटो

नई दिल्ली। विशाखापतनम में गत 09 मई को एक रासायनिस कारखाने से रिसी गैस के कुप्रभावों से निबटने के लिये भारतीय वायुसेना ने 8.3 टन जरूरी रसायन को तुरंत अपने दो एएन-32 विमानों द्वारा विशाखापतनम भेजा था। यहां वायुसेना के एक प्रवक्ता के मुताबिक वायुसेना ने मानवीय सहायता और प्राकृतिक आपदा राहत (HADR) ऑरेशन के तहत जरुरी रासायन को घटनास्थल पर भेजा। गौरतलब है कि गैस रिसने से कारखाने के 03 किलोमीटर के दायरे में हजारों लोग प्रभावित हुए थे और दर्जनों की मौत हो गई थी। यह घटना एलजी पालीमर्स के स्टाइरीन मोनोमर सटोरेज टैंक में गैस रिसाव आने से हुई थी।





प्रवक्ता ने बताया कि आंध्र प्रदेश सरकार के वाणिज्य मंत्रालय से मिले आग्रह के आधार पर वायुसेना ने 8.3 टन रसायन वहां भेजे। वायुसेना ने अपने विमानों से 1,100 किलोग्राम टर्शियरी ब्यूटाइल कैटेकोल और 7.2 टन पोलीमेराइजेशन इनहिबीटर्स और ग्रीन रिटार्डर्स गुजरात के मुंद्रा से परिवहन कर विशाखापतनम उतारा। वायुसेना ने स्टाइरीन गैस का प्रंबध करने में विशेषज्ञ माने जाने वाले विशेषज्ञ इंडियन इंस्टीट्यूट आफ पेट्रोलियम के निदेशक को नई दिल्ली से विशाखापतनम रवाना करने में मदद दी। इस गैस रिसाव से पैदा समस्या से निपटने में मदद करने के लिये वायुसेना ने आंध्र प्रदेश सरकार को जरूरी मदद जारी रखी है।

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