Air Force

स्पेशल रिपोर्ट: 4 अपाचे हेलिकॉप्टर पहुंचे हिंडन वायुसैनिक अड्डे

अपाचे हेलिकॉप्टर
फाइल फोटो

नई दिल्ली। अमेरिकी बोईंग कम्पनी ने भारतीय वायुसेना के आर्डर पर बनाए गए चार एएच-64-ई अपाचे  हेलिकॉप्टरों की पहली खेप यहां राजधानी के नजदीक हिंडन वायुसैनिक अड्डे पर भारतीय वायुसेना को 27 जुलाई को  सौंप दिया।





यहां बोईंग कम्पनी के एक प्रवक्ता ने यह जानाकारी देते हुए बताया कि  चार और अपाचे हेलीकाप्टर अगले सप्ताह हिंडन वायुसैनिक अड्डे पर पहुंचा दिये जाएंगे। इसके बाद सभी आठ अपाचे हेलिकाप्टरों को भारतीय वायुसेना में औपचारिक तौर पर शामिल करने के लिये सितम्बर में जम्मू कश्मीर सीमा के निकट पठानकोट वायुसैनिक अड्डे के बेड़े में भेज दिया जाएग।

 गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना ने 22 हेलिकाप्टरों का आर्डर  दिसम्बर 2015  में  2.2 अरब डालर की लागत से दिया था।  इन सभी हेलिकाप्टरों को 2020 तक वायुसेना के बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा।  बाद में 2017 में वायुसेना ने अतिरिक्त छह अपाचे हेलिकाप्टरों का आर्डर दिया।

 एएच-64ई अपाचे हेलिकाप्टर दुनिया का सबसे  संहारक बहुद्देश्यीय  लड़ाकू हेलिकाप्टर  है। अमेरिकी सेना के अलावा दुनिया की कई अग्रणी सेनाएं इस हेलीकाप्टर का इस्तेमाल करती हैं।  बोईंग ने विभिन्न देशों को अब तक 22 सौ हेलिकाप्टरों की सप्लाई की है।

 अपाचे का आर्डर करने वाला भारत 14 वां देश है।  इसे अपाचे की नवीनतम किस्म एएच-64 ई सप्लाई की जा रही है जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना भी कर रही है। दुश्मन के इलाके में घुसपैठ आसानी से करने वाला यह हेलिकाप्टर दुनिया का सर्वेश्रेष्ठ हेलीकाप्टर माना जाता है। यह दुनिया का एकमात्र लड़ाकू हेलिकाप्टर है जिसे किसी भी भूमिका में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे टोही, शांतिरक्षक , सुरक्षा और घातक हमले के लिये इस्तेमाल किया जा सकता है। भारतीय वायुसेना के लिये बनाए गए अपाचे हेलिकाप्टरों  ने अगस्त , 2018 में पहली बार सफल परीक्षण उड़ान भरी थी।

बोईंग के प्रवक्ता ने बताया कि चार अपाचे हेलीकाप्टरों का वक्त से पहले पहुंचना भारतीय सेनाओं के आधुनिकीकरण में योगदान करने की  बोईंग कम्पनी की प्रतिबद्धता दिखाती है। बोईंग कम्पनी  भारतीय सेनाओं की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाने में अपना योगदान जारी रखेगी।

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