Air Force

जानें अरुणाचल में हेलिकॉप्टर हादसों के पीछे की वजह ?

वायुसेना का हेलिकॉप्टर

इटानगर। अरुणाचल प्रदेश में आए दिन हेलिकॉप्टर हादसा होने के पीछे ऐसी कौन सी वजह है जो लोगों को सोचने पर मजबूर किए है। इन हादसों के शिकार ज्यादातर भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर ही हुए हैं। आज हम बताने जा रहे हैं कि आखिर क्यों पड़ाड़ियों के प्रदेश में ऐसे हादसे क्यों होते हैं ?





अरुणाचल प्रदेश में हेलिकॉप्टर हादसों का इतिहास रहा है। जानकारों का मानना है कि तवांग और उसके आसपास के इलाके में मौसम अचानक बदल जाता है। वहां तेज धूप और खुले आसमान वाले मौसम को घने बादलों और मूसलाधार बारिश में बदलते देर नहीं लगती। अरूणाचल प्रदेश में अकसर इस तरह के हादसे देखने-सुनने को मिलते हैं।

  • अरुणाचल प्रदेश में इसी वर्ष जुलाई में वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसी हादसे के समय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू का MI- 17 हेलिकॉप्टर इटानगर में खराब मौसम की वजह से हादसे का शिकार होते-होते बचा था।
  • 2015 में पवन हंस का एक हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था। जिसमें अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले के डिप्टी कमिश्नर कमलेश जोशी और दो अन्य लोग मारे गए।
  • 29 अप्रैल, 2011 में हेलिकॉप्टर हादसे में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दोर्जी खांडू की मौत हो गई थी।
  • वर्ष 2011 में ही तवांग में एक हेलिकॉप्टर लैंड करते वक्त क्रैश कर गया था। इस घटना में करीब 16 लोगों की जानें गईं।
  • वर्ष 1997 में रक्षा राज्य मंत्री एनवीएन सोमू, मेजर जनरल रमेश नागपाल समेत 2 लोगों की मौत चीता हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से हो गई थी।

वहीं आज सुबह (शुक्रवार) अरुणाचल प्रदेश में एक बड़ा हादसा हो गया है। यह हादसा एम- 17 वी-5 हेलिकॉप्टर के ट्रेनिंग सेशन के दौरान क्रैश होने के कारण हुआ जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल है। दुर्घटना तवांग के पास खरमू इलाके के पास हुई है। जिस जगह दुर्घटना हुई है वो भारत-चीन सीमा के करीब है।

Comments

Most Popular

To Top