Air Force

वायुसेना दिवस: इंडियन एयरफोर्स से जुड़ी 17 रोचक बातें

रविवार (8 अक्तूबर) को वायुसेना का 85वां स्थापना दिवस है। भारतीय वायुसेना विश्व की सर्वश्रेष्ठ वायुसेनाओं में से एक है। वर्ष 1965 और वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय वायुसेना के पराक्रम ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। करगिल युद्ध में भी भारतीय सेना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारतीय वायुसेना सिर्फ युद्ध के मैदान में ही नहीं, आपदा के वक्त भी सबसे आगे दिखाई देती है। आज हम आपको बता रहे हैं वायुसेना से जुड़ी कुछ रोचक बातें, जिन्हें जानकार आपको भी वायुसेना पर गर्व होगा।





26 जवानों से हुई थी शुरुआत

भारतीय वायुसेना

दुनिया की सबसे ताकवर सेनाओं में से एक भारतीय वायुसेना का गठन 8 अक्टूबर 1932 को किया गया था उस वक्त इसमें कुल 25 जवान शामिल थे जिनमें 19 युद्धक पायलट थे। भारतीय वायुसेना आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

‘रॉयल इंडियन एयर फोर्स’ था नाम

भारतीय वायुसेना (आईएएफ)

भारतीय वायु सेना को सन 1950 से पहले ‘रॉयल इंडियन एयर फोर्स’ के नाम से जाना जाता था। किंग जॉर्ज छठवें ने ‘रॉयल’ उपाधि को इसके साथ जोड़ा था, जिसे 1950 में भारत के गणराज्य बनने पर हटा दिया गया।

ये थे पहले एयर मार्शल 

भारतीय वायुसेना (आईएएफ)

भारतीय वायुसेना को पहले भारतीय थलसेना कंट्रोल करती थी। एयर मार्शल सर थॉमस वॉकर एल्मिर्हिस्ट भारतीय वायुसेना के पहले एयर मार्शल थे।

गीता का श्लोक है IAF का आदर्श वाक्य

भारतीय वायुसेना (आईएएफ)

आईएएफ का आदर्श वाक्य ‘नभ स्पृशं दीप्तम्ं’ को श्रीमद्भगवदगीता के ग्यारहवें अध्याय से लिया गया है। इसका अर्थ होता है ‘Touch The Sky With Glory’ जिस तरह भगवान कृष्ण अर्जुन को अपना दिव्य रूप दिखाते हैं, उसी तरह भारतीय वायुसेना का उद्देश्य राष्ट्र की रक्षा करना और एयरोस्पेस पावर के साथ दुश्मनों को खत्म करना है।

यहां संजोया गया है एयर फोर्स का इतिहास 

भारतीय वायुसेना (आईएएफ)

दिल्ली में पालम स्थित इंडियन एयरफोर्स म्यूजियम में भारतीय वायुसेना की दुर्लभ यादें संग्रहित हैं और ये भारतीय वायुसेना के इतिहास को प्रदर्शित करता है।

इन्हें मिला ‘परम वीर चक्र

भारतीय वायु सेना के जाबांजों का दुनिया में कोई सानी नहीं है लेकिन सर्वोच्च पराक्रम के लिए दिया जाने वाला ‘परम वीर चक्र’ वायुसेना में केवल फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों को ही प्राप्त हुआ है। यह सम्मान उन्हें 1971 में बांग्लादेश मुक्ति को लेकर भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहादत के पश्चात् दिया गया था।

आईएएफ की पहली महिला एयर मार्शल

पद्मावती बंदोपाध्याय पहली महिला 'एयर मार्शल' इंडियन एयर फोर्स

एयर मार्शल पद्मावती बंदोपाध्याय भारतीय वायु सेना की पहली महिला एयर मार्शल थीं। वह वायु सेना मेडिकल सर्विस (एयर हेडक्वार्टर्स) की डायरेक्टर जनरल थीं।

एयर फोर्स बना चुकी है विश्व रिकॉर्ड

भारतीय वायुसेना (आईएएफ)

भारतीय वायु सेना ने वर्ष 2013 में लद्दाख की सबसे ऊंची हवाई पट्टी ‘दौलत बेग ओल्डी हवाई पट्टी’ (समुद्र से 16,614 फीट यानी (5,065 मीटर) की ऊंचाई पर है), पर सी-130J की सुरक्षित लैंडिंग करा कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

दुनिया के सबसे बड़े ऑपरेशन को दिया अंजाम

भारतीय वायुसेना (आईएएफ)

भारतीय वायु सेना द्वारा 2013 में चलाया गया ‘ऑपरेशन राहत’  दुनिया का सबसे बड़ा ऑपरेशन था। इसमें भारतीय वायुसेना ने हेलिकॉप्टर की मदद से बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया था। बाढ़ में फंसे उत्तर भारतीयों के लिए चलाए गए इस अभियान में वायुसेना ने लगभग 19,600 लोगों को बाढ़ से बचाया था। इसके लिए सेना ने कुल मिलाकर 2,140 छोटी-बड़ी उड़ानें भरी थीं। साथ ही 3,82,400 किलोग्राम तक के खाद्यान और राहत सामग्री बांटी थी।

करगिल युद्ध में पाकिस्तान को खदेड़ा

ऑपरेशन-विजय

सन 1999 में भारत-पाक के बीच हुए कारगिल युद्ध में सेना की ऊंची पहाड़ियों पर मदद करने के लिए भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ लॉन्च किया और पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लोंगेवाला की जंग में दिलाई जीत

लोंगेवाला-का-युद्ध

1971 में लोंगेवाला की जंग में जब भारत और पाकिस्तान एक बार फिर आमने-सामने आए तो भारतीय वायुसेना ने इंडियन आर्मी की मदद करते हुए पाकिस्तान के 20 टैंकों को नष्ट किया था। इस जंग के दौरान पाकिस्तान को 34 टैंक, 500 वाहन और 200 जवानों से हाथ धोना पड़ा था।

ऑपरेशन तंगेल एयरड्रॉप

ऑपरेशन टंगाइल एयरड्रॉप

ऑपरेशन तंगेल भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट का एक ऐसा ऑपरेशन था जिसने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान की कमर तोड़ दी थी। ऑपरेशन तंगेल एयरड्रॉप को 11 दिसम्बर 1971 को अंजाम दिया गया था। पैराशूट के ज़रिये पैराट्रूपर्स को जमुना नदी पर बने पोंगली पुल पर उतारा गया जहां से उन्होंने पश्चिमी पाकिस्तान से आने वाली पाकिस्तानी सेना का रास्ता काट दिया और बांग्लादेश की आज़ादी का रास्ता आसान किया।

यमन में भी मदद के लिए आगे आई भारतीय वायुसेना 

भारतीय वायुसेना (आईएएफ)

देश में ही नहीं, जब यमन में रह रहे भारतीयों पर मुसीबत आई तो उनकी मदद के लिए भी भारतीय वायुसेना आगे आई।अप्रैल 2015 में भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन राहत’ लॉन्च किया। इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने 4,640 भारतीयों के साथ-साथ 960 विदेशी नागरिकों को भी बचाया।

नेपाल भूकंप के दौरान सुरक्षित निकाले गए 43 हजार लोग

नेपाल में विशाल भूकंप आने पर भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन मैत्री’ चलाया। इस दौरान भारतीय वायुसेना ने नेपाल के लोगों के अलावा 43,000 भारतीयों तथा 150 विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

कश्मीर बाढ़ प्रभावितों को दी मदद

 

कश्मीर में वायुसेना

2014 में कश्मीर में बाढ़ आई तो थल सेना के साथ साथ भारतीय वायुसेना भी आगे आई और ‘ऑपरेशन मेघ राहत’ चलाया। इस ऑपरेशन के तहत वायुसेना ने 1,411 टन राहत सामग्री लोगों तक पहुंचाई और करीब 80,000 लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।

सियाचिन में पाकिस्तान से छीनी अपनी जमीन

ऑपरेशन-मेघदूत

भारतीय वायुसेना ने सियाचिन में 13 अप्रैल 1984 को पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन मेघदूत’ लॉन्च किया था। पाकिस्तान द्वारा छीनी गई 1,000 वर्ग मील जगह वापस छीनी थी।

श्रीलंका सिविल वार में चलाया ‘ऑपरेशन पवन’

भारतीय वायुसेना (आईएएफ)

1987 में श्रीलंका में हुए सिविल वार के दौरान भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन पवन’ लॉन्च किया। इस ऑपरेशन के दौरान 1,00,000 ट्रूप्स और पैरामिलिट्री फोर्सेज को मदद पहुंचाई गई।

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