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AFT की मुख्य न्यायपीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए क्षेत्रीय न्यायपीठों से संबंधित मामलों के सुनवाई की शुरूआत की

सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी)
फाइल फोटो

नई दिल्ली। सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन ने बुधवार को यहां सशस्त्र बल न्यायाधिकरण की सभी दस क्षेत्रीय न्यायपीठों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का उद्घाटन किया।





सशस्त्र बल न्यायाधिकरण का मुख्य न्यायपीठ ही एकमात्र ऐसा न्यायालय है जहां पर 8 जून, 2020 से सामान्य रूप से सुनवाई की जा रही है। मुख्य न्यायपीठ में सामान्य रूप से सुनवाई, सशस्त्र बलों के लिए दूर दराज वाले इलाकों में रहने और सुरक्षा संबंधी विभिन्न मुद्दों का पालन करने वालों को ध्यान में रखते हुए और सशस्त्र बलों के कर्मियों, सेवानिवृत्त और सेवारत लोगों की कठिनाइयों और सीमाओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

बाधारहित सुनवाई वाली प्रक्रिया के लिए न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन ने प्रिंसिपल रजिस्ट्रार डॉ. राकेश कुमार को श्रेय दिया, जो कि मुख्य न्यायपीठ में त्रुटिहीन स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के उपायों पर सलाह दे रहे हैं। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा होने से पहले ही, एएफटी कर्मचारियों द्वारा अदालत परिसर को रोजाना दो बार सेनेटाइज किया जा रहा है। अदालत परिसर में प्रवेश, उचित सामाजिक दूरी का पालन करने के साथ और काम के प्रवाह पर समझौता किए बिना न्यूनतम रखा जाता है। एएफटी में शामिल होने वाले अधिवक्ताओं को पारदर्शी परिधानों के माध्यम से न्यायाधीशों से अलग किया जाता है और अदालत के कर्मचारियों और न्यायाधीशों के बीच उचित सामाजिक दूरी का पालन किया जाता है।

एएफटी की कुल ग्यारह पीठों के लिए, जिसमें पूरे देश में फैले हुए मुख्य न्यायपीठ और दस क्षेत्रीय न्यायपीठ शामिल हैं, सरकार द्वारा 34 न्यायिक और प्रशासनिक सदस्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। हालांकि, वर्तमान समय में मुख्य न्यायपीठ में केवल चार सदस्य ही कार्यरत हैं, एक न्यायिक सदस्य और दो प्रशासनिक सदस्य क्रमश चंडीगढ़, मुंबई और चेन्नई की न्यायपीठ में कार्यरत हैं।

हालांकि, क्षेत्रीय पीठों में बहुत आवश्यक आवेदनों पर प्रधान न्यायपीठ में सुनवाई की जा रही थी लेकिन फिर भी क्षेत्रीय पीठों के अन्य मामलों की सुनवाई करने के लिए एक प्रक्रिया का निर्माण करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसके परिणामस्वरूप, वर्चुअल सुनवाई के लिए एक व्यवहार्य प्रक्रिया की शुरूआत की गई है।

वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की इस प्रक्रिया के साथ ही सशस्त्र बलों के उन कर्मियों को बहुत ज्यादा राहत मिली है, जिनके आवेदन विभिन्न क्षेत्रीय न्यायपीठों में न्याय का इंतजार कर रहे हैं। न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति मोहम्मद ताहिर और प्रशासनिक सदस्य वाइस एडमिरल पी मुरुगेसान (सेवानिवृत्त) और लेफ्टिनेंट जनरल सीए कृष्णन (सेवानिवृत्त) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्षेत्रीय पीठों के आवेदनों पर सुनवाई करेंगे।

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