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लश्कर का नहीं, ज़ाकिर मूसा का साथी था अबु दुजाना

आतंकी अबु दुजाना

श्रीनगर। कश्मीर के पुलवामा जिले में अबु दुजाना और उसके साथी आरिफ लिलहारी की मौत के बाद घाटी में अब केवल जाकिर मूसा ही इस गिरोह का महत्वपूर्ण आतंकी बचा है, पर उसका संगठन अलग है। इसमें ज्यादातर आतंकी हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्करे तैयबा से निकले लोग हैं। इसका नाम है अंसार गज्वात-उल-हिंद। इसमें अबु दुजाना दूसरे नंबर का आतंकी था। जाकिर मूसा के गिरोह में करीब एक दर्जन आतंकी हैं। दुजाना लश्करे तैयबा के साथ पांच साल से ज्यादा समय तक रहा। उसके बाद वह मूसा के ग्रुप में शामिल हो गया।





पैसा बना लश्कर से हटने की वजह

एक रिपोर्ट के अनुसार, अबु दुजाना को लश्करे तैयबा से जुड़ा बताया जा रहा है, पर वास्तव में वह इस संगठन को काफी पहले छोड़ चुका है। ‘फर्स्टपोस्ट’ ने सेना के एक कमांडर के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर लिखा है कि लश्कर से उसके हटने की वजह पैसा और उसकी पत्नी को पाकिस्तान ले जाने का विवाद था।

जाकिर मूसा को भर्ती के लिए नहीं मिल रहे लोग

पिछले हफ्ते अल कायदा के ऑनलाइन प्रचार प्लेटफॉर्म ग्लोबल इस्लामिक मीडिया फ्रंट ने हिज्ब के पुराने कमांडर जाकिर मूसा को जम्मू-कश्मीर के लिए कमांडर बनाए जाने की घोषणा की। इस घोषणा से मूसा के संगठन को काफी बढ़ावा मिला है। यह संगठन दक्षिण कश्मीर के पांच जिलों से अपने लिए लोगों की भरती कर रहा है। जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक एसपी वैद ने हाल में बताया था कि मूसा के ग्रुप में दो दर्जन से कम आतंकी हैं। इसका मतलब है कि उसे लोग मिल नहीं रहे हैं।

पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई कम हुई

पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई भी कम हुई है। उधर लश्कर में दुजाना की जगह पाकिस्तानी नागरिक अबु इस्माइल ने ले ली है। हाल में अमरनाथ यात्रा पर हुई गोलीबारी में अबु इस्माइल का हाथ था। इस गोलीकांड में सात लोग मारे गए थे।

खुफिया एजेंसियां नहीं जानती दुजाना का असली नाम

पिछले साल बुरहान वानी और सबजार भट की मौत के बाद अब अबु दुजाना तीसरा बड़ा नाम है जो सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में मारा गया है। खुफिया एजेंसियाँ नहीं जानतीं कि उसका असली नाम क्या था। बहरहाल ज़ाकिर मूसा की हुर्रियत और दूसरे आतंकी गिरोहों ने आलोचना की है। पर वह नौजवानों के बीच लोकप्रिय है।

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