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सेना के शहीद परिवारों की मदद की खातिर आगे आएंगे 47 लाख केंद्रीय कर्मचारी

पुलवामा के शहीद जवान
फाइल फोटो

नई दिल्ली। देश की हिफाजत की खातिर अपना जीवन बलिदान करने वाले भारतीय सेना के शहीद जवानों के परिवारों की मदद के लिए इस बार केंद्र सरकार के 47 लाख कर्मचारी आगे आएंगे। इनमें 33 लाख सिविल कर्मियों के अलावा भारतीय सेनाओं के 14 लाख अधिकारी और जवान भी शामिल हैं। इन सभी से कहा गया है कि वे आगामी 07 दिसंबर को झंडा दिवस पर 200 रुपये का योगदान दें।





रक्षा मंत्रालय के अन्तर्गत आने वाले पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के आग्रह पर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ‘डीओपीटी’ के इस बारे मे सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के लिए यह आदेश निकाला है। इस अपील में कहा गया है कि कर्मचारी अपने तिरंगे और उसकी रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए कम से कम 200 रुपये का दान करें। यह राशि सभी कर्मचारियों को 02 दिसंबर से पहले जमा करानी होगी।

बता दें कि हर साल 07 दिसंबर को सशस्त्र बल झंडा दिवस मनाया जाता है। सरकारी और गैर सरकारी विभागों के कर्मचारी इस दिन अपनी निष्ठा के मुताबिक दान करते हैं। अलावा इसके कोई भी दूसरा व्यक्ति या संगठन झंडा दिवस पर दान कर सकता है।

गौरतलब है कि भारतीय सेनाएं जो देश की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहती है, झंडा दिवस पर उनके प्रति सम्मान प्रकट करते हुए मदद का हाथ बढ़ाया जाता है। इस दिन उन वीर सपूतोंको भी याद किया जाता  है जिन्होंने तिरंगे के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दिए।

23 अगस्त, 1947 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की रक्षा समिति ने इस दिन को मनाने का ऐलान किया था। इसके 02 साल बाद यानी 1949 से झंडा दिवस मनाने की शुरुआत हुई। नब्बे के दशक में इस दिन को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा।

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