Forces

जंतर-मंतर पर धरने के 1,500 दिन: पूर्व सैनिकों की मांगों पर सरकार ने नहीं दिया ध्यान

OROP की मांगों पर धरने के हुए 1500 दिन

नई दिल्ली। तीनों सेनाओं से जुड़े पूर्व फौजियों का जंतर-मंतर पर वन रैंक, वन पेंशन (OROP) के मुद्दे पर जारी धरना आज 1500वें दिन में प्रवेश कर गया। दिल्ली-एनसीआर, संगरूर (पंजाब), बिहार आदि के कस्बों और गांवों से आए तमाम पूर्व सैनिकों ने आक्रोशित लेकिन जोश भरे मन से केंद्र में आई नई सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।





इंडियन एक्स सर्विस मैन मूवमेंट के अध्यक्ष मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने उमस भरी गर्मी के बीच बैठे पूर्व सैनिक से अनुशासित लहजे में कहा कि हम जंतर-मंतर समेत पूरे देश में सैनिकों के सम्मान, अधिकार और प्रतिष्ठा की लड़ाई लड़ रहे हैं।

OROP के लिए धरना

उन्होंने कहा कि पहली जुलाई को नए रक्षा मंत्री से OROP पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में उठाए गए मुद्दों को लेकर मुलाकात कर अवगत कराया चुका है। लेकिन आज 23 दिन बाद भी गृह मंत्रालय की ओर से कोई हलचल नहीं है। आगामी रणनीति पर उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद भावी कार्य योजना व गतिविधियों पर बातचीत कर मुहिम को और तेज करेंगे।

जंतर-मंतर के इस धरने में लगातार शिरकत कर रहे तथा सेना में दो बार वीर चक्र का सम्मान प्राप्त विंग कमांडर (रिटायर्ड) विनोद नेब्ब ने कहा कि देश की प्रगति और सुरक्षा के लिए हम सैनिक सदैव ही तत्पर हैं। समझ से परे है कि सरकार पूर्व फौजियों की मांग कर ऐसे क्यों कर रही है। हमारी लड़ाई हक और उसूल की है। हमारी मांग पर सरकार ध्यान क्यों नहीं दे रही है समझ नहीं आता।

आज के इस ऐतिहासिक दिन के धरने में आर्मी, नेवी व एयरफोर्स के हर रैंक के पूर्व अधिकारी तथा सैनिक शामिल हुए। गौरतलब है कि पूर्व सैनिकों का यह धरना 15 जून, 2015 को शुरू हुआ था। कई मौसम आए और गए लेकिन गर्मी, बारिश और ठंड की परवाह किए बिना विभिन्न आयु वर्ग के फौजी रोजाना दोपहर 1-3 बजे मिलते हैं। अपनी बात रखते हैं।

Comments

Most Popular

To Top