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अफगानिस्तान के शहर गजनी में क्या कर रहा था पाक का मेजर जनरल, और फिर कैसे मरा ?

पाक मेजर जनरल वसीम राजा
पाक मेजर जनरल वसीम राजा

नई दिल्ली। अफगानिस्तान के ऐतिहासिक औऱ सामरिक तौर पर महत्वपूर्ण शहर गजनी के लिये तालिबान और अफगान सैनिकों के बीच चल रही भीषण लड़ाई में फिलहाल तालिबानी जेहादी कुछ पीछे हटते लग रहे हैं लेकिन गजनी शहर का तालिबान के हाथ लगना तालिबान के लिये एक बड़ी विजय साबित होगा। लेकिन क्या इस लड़ाई को तालिबान बनाम अफगान कहना ठीक होगा?





यहां मिली रिपोर्टों के मुताबिक गजनी शहर पर कब्जा करने के लिये तालिबानी जेहादी के नाम पर पाकिस्तान की सेना लड़ाई लड़ रही है औऱ इस लड़ाई में दो दिन पहले पाकिस्तानी सेना के एक मेजर जनरल के रैंक के सैनिक अफसर के मारे जाने से इस बात की पुष्टि होती है कि अफगानिस्तान के भीतर तालिबान का लबादा ओढ़ कर वास्तव में पाकिस्तानी सैनिक ही लड़ाई लड़ रहे हैं। रिपोर्ट है कि पाकिस्तानी सेना के मेजर जनरल के रैंक के अफसर की देखरेख में गजनी की ल़डाई लड़ी जा रही है जिसमें दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है। पीछे हटती कथित तालिबानी सेना गजनी के सरकारी दफ्तरों को आग के हवाले कर रही हैं।

इस लड़ाई में भारी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों के हताहत होने की भी रिपोर्टें हैं। गत दो दिनों के भीतर ही गजनी से पाकिस्तान के भीतर 106 पाकिस्तानी सैनिकों के शव भेजे गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक तालिबानी जेहादियों के भेष में पाकिस्तानी फ्रंटियर कोर के जवान लड़ाई लड़ रहे हैं। तालिबानी जेहादी जिस तरह भारी तोपों से अफगानी सेना का मुकाबाला कर रही है उससे भी इस बात की पुष्टि होती है कि तालिबान के भेष में वास्तव में पाकिस्तानी सैनिक ही लडाई लड़ रहे हैं। आखिर किसी विद्रोही सेना के पास भारी तोपों का होना इस बात की पुष्टि करती है कि कोई सरकारी सेना के पास ही इस तरह के बड़े हथियार हो सकते हैं।

जो मेजर जनरल मारा गया है उसका नाम वसीम राजा है। मेजर जनरल राजा का शव काबुल में पाकिस्तानी दूतावास में भेजा गया था जहां से पाकिस्तान भेजा जाएगा। तालिबानी मिलिशिया को पाकिस्तानी सेना ने ही 90 के दशक से खडा किया है। तालिबानी मिलिशिया की विभिन्न इकाइयों की अगुवाई पाकिस्तानी सैन्य अफसर ही करते रहे हैं। अमेरिका में 2001 के 9/11 के आतंकवादी हमलों के बाद जब अमेरिकी सेना ने अलकायदा के ठिकानों पर हमला किया था तब वहां भारी संख्या में पाकिस्तानी सैनिक तैनात थे।

अफगानी शहर गजनी में भारी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने पर पाक नेता अफऱासियाब खट्टक ने पाकिस्तान सरकार से पूछा है कि गजनी में पाकिस्तानी लड़ाकों की गिरफ्तारी कैसे हो रही है और उनके शव क्यों पाकिस्तान भेजे जा रहे हैं।

यहां सामरिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि अफगानिस्तान सरकार और तालिबन के बीच बातचीत की बढ़ती कोशिशों के बीच पाकिस्तान की यह कोशिश है कि तालिबान का पलड़ा भारी करने के लिये अफगानिस्तान के अधिकांश हिस्से पर तालिबान का दबदबा स्थापित हो जाए। पाकिस्तान की रणनीति है कि तालिबान को काबुल की सत्ता पर फिर से लौटाया जाए। ऐसा होने पर भारत को भारी सामरिक झटका लगेगा।

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