Featured

स्पेशल रिपोर्टः वाजपेयी ने आधुनिक भारत-अमेरिका रिश्तों की नींव रखी

अटलजी और अमेरिकी ऱाष्ट्रपति

नई दिल्ली।  भारत और अमेरिका को स्वाभाविक साथी बताकर स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत और अमेरिका के आधुनिक रिश्तों की नींव रखी थी। भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जेस्टर ने यहां एक बैठक में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने राष्ट्रपति जार्ज बुश के साथ मिल कर भारत और अमेरिका के बीच सामरिक साझेदारी के रिश्तों की नींव डाली और इसी का नतीजा है कि दोनों देशों के बीच नागरिक परमाणु सहयोग समझौता सम्पन्न हो सका।





भारत और अमेरिका के रिश्तों की 70वीं सालगिरह के मौके पर यहां पुर्व राजदूत ललित मान सिंह के साथ एक बैठक में अमेरिकी राजदूत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में ही उच्च तकनीक सहयोग दल ( एचटीसीजी) का गठन हुआ जिसने भारत और अमेरिका के रक्षा व सामरिक रिश्तों में  भारी बदलाव हुआ। दोनों देश अब रक्षा, प्रतिआतंकवाद से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं।

ललित मान सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि 2000 से 2004 के दौरान भारत अमेरिका रिश्तों का दौर विचारों का जन्म का था। इसी दौरान दोनों देशों के बीच उच्च तकनीकी सहयोग का रास्ता साफ हुआ और राजदूत केनेथ जेस्टर ने,  भारत के खिलाफ प्रतिबंधों का जो बहुस्तरीय ढांचा ख़ड़ा किया गया था,  उसे ध्वस्त किया।

पूर्व राजदूत ललित मान सिंह ने कहा कि भारत अमेरिका रिश्तों में प्रवासी भारतीयों की कोई बड़ी भूमिका नहीं थी लेकिन बाद में इस समुदाय ने भारत-अमेरिका रिश्तों को नया आयाम देने में अहम भूमिका निभाई। अमेरिका में प्रवासी भारतीयों ने अपनी विशिष्ट उपलब्धियों की बदौलत अमेरिका के साथ रिश्तों को और मजबूती प्रदान की।

पिछले दशक के शुरू में भारत औऱ अमेरिका के बीच हाई टेक्नालाजी कोआपरेशन ग्रुप (एचटीसीजी) को कामयाबी दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले केनेथ जेस्टर ने कहा कि उनकी कोशिश थी कि भारत के साथ व्यापार में बाधाओं को दूर किया जाए। अब अमेरिका ने अपने तकनीक निर्यात कानून के टियर-1 में शामिल कर भारत को अपने नाटो सहयोगियों जैसा दर्जा प्रदान किया है जिससे भारत और अमेरिका के रक्षा व सामरिक रिश्ते और मजबूत होंगे।

ललित मान सिंह ने कहा कि अमेरिका में आज करीब 75 हजार भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, तीन लाख भारतीय पेशेवर उच्च पेशेवर नौकरियों में हैं, अमेरिका में प्रवासी भारतीयों के 45 प्रतिशत मैनेजर आदि नौकरियों में हैं जब कि सिलिकान वैली में 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्ट अप कम्पनियां भारतीयों द्वारा ही शुरु की गई हैं। भारत के सबसे प्रतिभावान बच्चों ने अमेरिका को अपना घर बनाया औऱ उसके विकास में योगदान दिया।

राजदूत जेस्टर ने कहा कि भारत और अमेरिका को अब अपने आर्थिक रिश्तों को और गहरा करने की जरूरत है। दोनों देशों को एक दूसरे का बाजार औऱ खोलने की जरूरत है। दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को उछाल देने की व्यापक गुंजाइश है।

ललित मान सिंह ने कहा कि पांच दशक पहले भारत और अमेरिका बिछुड़े हुए जनतांत्रिक देश थे लेकिन आज रिश्तों का जो स्वरूप बन चुका है उसकी हम कभी कल्पना भी नहीं करते थे।

 

Comments

Most Popular

To Top