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3 साल से दर-दर भटक रहे शहीद के परिवार को आश्वासन के सिवा कुछ न मिला..

सिचाचिन में सैनिक

सोनीपत। सीमा पर तैनाती के दौरान अपने देश की सुरक्षा में जान गंवाने वाले जवान का परिवार तीन साल से सरकारी मदद की बाट जोह रहा है। ड्यूटी के वक्त उत्तराखंड में बर्फ फिसलने से जवान साहेब सिंह की मौत होने के बाद सरकार को इस परिवार की कोई सुध ही नहीं। वादा तो यह किया गया था कि परिवार को 20 लाख रूपये और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। इसके बावजूद 03 साल से शहीद का यह परिवार भटक रहा है।





एक अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार शहीद साहेब सिंह के 60 वर्षीय पिता राज सिंह ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के अलावा मानवाधिकार आयोग को भी पत्र लिखे लेकिन किसी ने इनके बेटे के जाने का गम को नहीं समझा। गांव जाजी का जवान साहेब सिंह सिग्नल और डिपार्टमेंट में नौकरी करता था। वह उत्तराखंड के कौसानी में तैनात था। 2 मार्च 2015 को जब वह अपने कई अन्य साथियों के साथ तैनाती पर था, तो अचानक भारी बर्फबारी होने लगी और बर्फ की एक चट्टान फिसल कर उन पर गिर पड़ी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस हादसे में उनके अलावा 2 और जवानों की मौत हो गई थी।

जवान के पिता राज सिंह ने कहा कि सांसद भी उनके यहां शोक जताने के लिए पहुंचे थे और उन्होंने परिवार से वादा किया था कि शहीद साहब सिंह के परिजनों को सरकार की तरफ से 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद और एक नौकरी दिलवाई जाएगी। डीसी सोनीपत मकरंद पांडुरंग का कहना है कि शहीद के परिवार को सम्मान राशि व नौकरी नहीं मिलने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वह मामले की जांच कराएंगे।

रक्षक न्यूज की राय:

यह बेहद हैरानी की बात है कि सैनिकों से जुड़ी ऐसी घटनाओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया जाता। घटना के वक्त घोषणाएं होती हैं। राजनेता-अफसर अपने-अपने तरह से वाहवाही लूट लेते हैं पर बाद में सैनिक या उसके परिवार का भला नहीं हो पाता। सरकार को ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसी या ऑफिसर्स की जांच-पड़ताल कर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आगे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हमें याद रखना होगा कि सैनिकों का सम्मान सर्वोपरि है।

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