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Special Report: मताला हवाई अड्डे के लिए श्रीलंका-भारत में चल रही है बातचीत

मताला राजपक्ष इंटरनेशनल एयरपोर्ट

नई दिल्ली।  श्रीलंका में चीन द्वारा बनाए गए हमबनटोटा बंदरगाह के ठीक पास स्थित मताला राजपक्ष इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन में भारत की रुचि की सरकार ने पुष्टि की है।





गौरतलब है कि गत 27 जुलाई को नागरिक उड्ड़यन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा था कि भारत ने इस तरह का कोई प्रस्ताव श्रीलंका सरकार से नहीं किया है लेकिन पिछले सप्ताह श्रीलंका सरकार में एक मंत्री द्वारा यह बयान देने के बाद कि इस बारे में भारत सरकार से बातचीत चल रही है यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि मताला हवाई अड्डे के संचालन के लिये भारत सरकार सम्भावनाओं का अध्ययन कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने इस बारे में अपना प्रस्ताव श्रीलंका सरकार को सौंप दिया  है और इस पर बातचीत चल रही है।

सूत्रों के मुताबिक भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण मताला हवाई अड्डे पर एक फ्लाईंग स्कूल के अलावा रिपेयर, ओवरहाल और मेनटेनेंस सुविधा स्थापित करेगा। मताला हवाई अड्डा कोलम्बो से 241 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में है और हमबनटोटा के कुछ किलोमीटर नजदीक है, जिसे दुनिया का सबसे खाली हवाई अड्डा कहा जाता है। मताला हवाई अड्डे का निर्णाण चीन से ऊंची व्याज दर पर लिये गये व्यावासयिक कर्ज पर किया गया था लेकिन यहां से यात्री विमानों के उड़ान नहीं भरने से यह घाटे में चल रहा था।

उल्लेखनीय है कि हमबनटोटा बंदरगाह को चीन ने 99 साल के पट्टे पर ले लिया है और इसे लेकर श्रीलंका में काफी विवाद चल रहा है। इस बंदरगाह को लेकर भारत में एक बडी चिंता है कि भविष्य में चीन इसका इस्तेमाल अपने लिये नौसैनिक सुविधा बनाने और अपने युद्धपोतों को ठहराने के लिये करेगा। इस नजरिये से भारतीय सामरिक हलकों में यह माना जा रहा है कि मताला हवाई अड्डे पर भारत का नियंत्रण होने से चीनी गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा सकेगी।

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