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स्पेशल रिपोर्ट: नौसैनिक विमान को डेक पर उतारने वाला भारत चुनिंदा देशों में

Aircraft

नई दिल्ली। किसी पोत के डेक पर अपने स्वदेशी विकसित लड़ाकू विमान एलसीए नेवल प्रोटोटाइप-2 (एनपी-2) को उतारने की क्षमता वाला भारत कुछ चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है।





भारत में विकसित लाइट कम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस की नौसैनिक किस्म एलसीए नेवल प्रोटोटाइप-2 को गोवा के समुद्र तट स्थित परीक्षण सुविधा, आईएनएस हंस पर एरेस्टर हुक सिस्टम के जरिये एरेस्टर वायर की मदद से साधारण टैक्सी स्पीड से डेक पर उतारा गया। गौरतलब है कि एलसीए तेजस की नौसैनिक किस्म का विकास किसी विमानवाहक पोत पर तैनात करने के लिये किया जा रहा है। इसकी पहली सफल उड़ान 2015 में हुई थी।

किसी लड़ाकू विमान को डेक पर उतारने की क्षमता अब तक यूरोपीय देशों के अलावा अमेरिका, रूस और चीन के पास ही है।

इस बारे में हिंदुस्तान एऱोनाटिक्स लि. के एक अधिकारी ने बताया कि पहले कामयाब टैक्सी एनगेजमेंट की लैंडिंग सिगनल इन अफसर कमोडोर जे ए मावलंकार और टेस्ट डायरेक्टर ग्रुप कैप्टन ए. कबाडवाल ने की। इस विमान को कैप्टन शिवनाथ दहिया उड़ा रहे थे।

HAL के चेयरमैन डा. सुवर्णा राजू ने इस कामयाबी पर कहा कि विमान को डेक पर उतारने की एऱेस्टर हुक क्षमता सिद्ध करने के लिये यह पहले परीक्षणों में था। विमान की नौसैनिक किस्म के शिप डेक आपरेशन के लिये एरेस्टर हुक का विकास और डिजाइन HAL के डिजाइन विंग– एयरक्राफ्ट रिसर्च एंड डिजाइन सेंटर (एआऱडीसी) ने किया है। यह विमान आईएनएस हंस पर 28 जुलाई, 2018 से तैनात था।

HAL के अधिकारी ने बताया कि एलसीए की कैरियर पर उतरने की क्षमता का टेस्ट समुद्र तट स्थित परीक्षण सुविधा में शुरु किया जाएगा। ये परीक्षण एलसीए नेवी की कैरियर क्षमता परीक्षण (सीसीटी) की दिशा में पहला कदम है। इस कामयाबी को हासिल करने के लिये जुटी टीम में वैमानिकी विकास एजेंसी (आडा), हिंदुस्तान एरोनाटिक्स, सेमिलाक औऱ नौसेना के विशेषज्ञ शामिल थे।

 

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