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Special Report: अफगान संकट के हल के लिये रूसी दूत भारत में

विशेष दूत जमीर काबुलोव

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में चल रहे राजनीतिक संकट  के हल के लिये रूस और भारत के आला अधिकारियों ने यहां आपसी सहयोग के मसलों पर गहन बातचीत की।





इस वार्ता के लिये रूसी राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान मामलों के विशेष दूत जमीर काबुलोव को  गुरुवार को  भारत भेजा। यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि रूसी दूत ने यहां विदेश सचिव विजय गोखले से मिलने के पहले  विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव दीपक मित्तल और उनके सहयोगियों के साथ गहन बैठक की थी। गौरतलब है कि रूसी विशेष दूत काबुलोव ने गत जुलाई महीने में भी भारत का दौरा कर यहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी।

उल्लेखनीय है कि रूस ने मास्को फॉरमैट के तहत अफगानिस्तान मसले के हल के लिये सम्बद्ध देशों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला शुरू किया है। इन बैठकों में रूस ने तालिबान की सीधी भागीदारी का मौका दिया है। भारत ने मास्को फॉरमैट की बैठकों में अपने आधिकारिक प्रतिनिधि को भेजने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि भारत में विपक्षी राजनीतिक हलकों में सरकार की इस बात के लिये निंदा की गई थी कि मोदी सरकार ने भारत द्वारा प्रतिबंधित तालिबान के साथ बैठक कर इसे अनौपचारिक मान्यता प्रदान की है। मोदी सरकार मास्को फॉरमैट में अपने आधिकारिक प्रतिनिधि को भेजने से कतरा रही है इसलिये यहां राजनयिक सूत्रों ने बताया कि रूसी विशेष दूत ने भारत से आग्रह किया कि मास्को फारमैट में अपने आधिकारिक प्रतिनिधि भेजे।

यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बातचीत के बारे में बताया कि दोनों पक्षों ने बैठक के दौरान कहा कि अफगान संकट  के लिये बातचीत अफगानी लोगों की अगुवाई में ही होनी चाहिये। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि अफगान मसले पर दोनों देशों के अधिकारी आपसी सलाह मशविरा जारी रखेंगे और अगले दौर की बैठक भी जल्द करेंगे। इसके पीछे इऱादा अफगानिस्तान में शांति व स्थिरता कायम करना है।

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