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जम्मू-कश्मीर की झांकी का राजपथ पर नया ‘अवतार’

जम्मू-कश्मीर की झांकी
फाइल फोटो

जम्मू। इस साल 26 जनवरी की परेड में राजधानी नई दिल्ली के राजपथ पर जम्मू-कश्मीर की झांकी नए अंदाज में दिखेगी। नई छटा बिखेरने वाली केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के इस झांकी में विकास व तरक्की की बात तो होगी ही कला संस्कृति नए ढंग से दिखेगी। खास बात यह है कि किसी भी प्रकार के भेदभाव की बात इस झांकी में दूर-दूर तक दिखाई नहीं देगी।





मीडिया खबरों के मुताबिक झांकी में जम्मू की प्रसिद्ध बसोहली पेंटिंग और कश्मीर की पेपर माछी हस्तकला नए रूप में दिखेगी। सरकार की योजना ‘गांव की ओर’ के तहत झांकी में ग्रामीण कलाओं और रोजगार का प्रमोशन भी किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर कला-संस्कृति एवं भाषा अकादमी के सचिव मनीरउल-इस्लाम ने बताया कि झांकी को सूबे के प्रसिद्ध कलाकार वीर मुंशी तैयार कर रहे हैं। वह इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर की झांकी प्रस्तुत करने का गौरव प्राप्त कर चुके हैं।

बता दें कि कश्मीर की हस्तकला पेपर माछी और बसोहली चित्रकला का दुनिया भर में नाम है लेकिन समय के साथ-साथ यह कला शैली लुप्त होने के कगार पर है। झांकी के माध्यम से इस बात को दर्शाया जा रहा है कि मशीन के इस युग में होने वाले काम में और हाथ से होने वाले काम में फर्क है।

इस बार की झांकी में जम्मू-कश्मीर की मिली-जुली संस्कृति के अलावा अटल सेतु और उसके आसपास का मनोरम दृश्य दर्शाया जाएगा। झांकी को अंतिम रूप आज दिल्ली में होने वाली बैठक में लिया जाएगा। अभी तक 05 उच्च स्तरीय बैठकों का आयोजन हो चुका है। जिमसें कुछ महत्वपूर्ण बदलाव के बाद जम्मू-कश्मीर की झांकी को सहमति मिल चुकी है।

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