Featured

केरल: बाढ़ से अब तक 29 की मौत, आर्मी व एयरफोर्स राहत और बचाव कार्य में जुटी

वायुसेना का हेलिकॉप्टर

तिरुवनंतपुरम। केरल में लगातार हो रही बारिश से जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित है। अब तक 29 लोगों के मारे जाने की खबर है। बड़ी संख्या में पर्यटक भी फंसे हुए हैं। सेना, वायुसेना और एनडीआरएफ राहत व बचाव कार्य के लिए तैनात हैं। वायुसेना ने केरल के बाढ़ प्रभावित इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पांच एन- 32 विमान, दो एमआई- 17 वी5 हेलिकॉप्टर और एक उन्नत हल्का हेलिकॉप्टर (ALH) तैनात किया है। आईएएफ के एक प्रवक्ता ने कहा- पांच एन- 32 परिवहन विमानों को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम और उनके साजो-सामानों को अरक्कोनम से कालीकट ले जाने के लिए तैनात किया गया है।





प्रवक्ता के मुताबिक NDRF की दो टीमों को विजयवाड़ा और आर्मी इंजीनियर ग्रुप की दो टीम को बैंगलुरू व हैदराबाद से कालीकट भेजा गया है। उन्होंने कहा कि एमआई- 17 वी-5 को राहत सामग्रियों के वितरण के लिए तैनात किया गया है। भारतीय वायुसेना हालात के सामान्य होने तक मदद करना जारी रखेगी।

केरल में बाढ़-बारिश से जुड़ी अहम बातें-

  • केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। शुक्रवार को मंत्रालय ने अपने बयान में यह जानकारी दी। केरल में पिछले 48 घंटों में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से कुल 27 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के एक बड़े भाग में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मुख्य सड़कें बंद हो गई हैं, जिसके कारण गृहमंत्री ने यह दौरा करने का निर्णय लिया।
  • गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से फोन पर बात की और राज्य की हालात की जानकारी ली। उन्होंने सीएम को केंद्र की तरफ से हर संभव मदद देने का भरोसा दिया। केरल के कई जिलों में बुधवार से भारी बारिश हो रही है।
  • इडुक्की में भारी बारिश के कारण अधिकारियों को मजबूरन इदमलयार बांध के बाकी दो द्वार भी खोलने पड़े। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण केरल में हुई विभिन्न घटनाओं में मरने वालों की तादाद 29 तक पहुंच गई है। मौसम विभाग ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित राज्य के अन्य भागों में बारिश में कमी दर्ज की गई है। इससे पहले साल 1992 में आई बाढ़ में कई बाधों को खोला गया था लेकिन अब नदी के तट पर काफी भू-भाग अतिक्रमण देखा जा सकता है। इस क्षेत्र में लोगों ने बड़ी संख्या में घर बना लिए हैं। फिलहाल एहतियात के तौर पर नदी के किनारे बसे लगभग 200 परिवार पहले ही अपने घर खाली कर चुके हैं।
  • इडुक्की के रहने वाले केरल के ऊर्जा मंत्री एमएम मणि ने मीडिया को बताया कि इदमलयार बांध के दो और द्वार खोलने का फैसला जलस्तर को 2,403 मीटर तक पहुंचने से रोकने के लिए लिया गया। उन्होंने कहा कि यह कोई मसला नहीं है क्योंकि हम जुल्द ही द्वार बंद करने की योजना बना रहे हैं। हमें यकीन है कि हालात नियंत्रित किए जा सकते हैं।
  • राज्य के राजस्व मंत्री ई. चंद्रशेखरन एनार्कुलम में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होने कहा कि हालात नियंत्रण में हैं। सेना की पांच टीमें इडुक्की, वायनाड, कोझिकोड, मलप्पुरम में नुकसान की भरमाई और राहत-बचाव कार्य में में जुटी हुई है।

Comments

Most Popular

To Top