Featured

गजनी में तालिबानी क़हर जारी, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने गोले बरसाए

अफगानिस्तान

लॉस एंजेल्स से ललित मोहन बंसल





अमेरिकी सेना के लड़ाकू विमान गजनी में तालिबानी ठिकानों पर गोले बरसा रहे हैं। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस शहर में गवर्नर हाउस और पुलिस मुख्यालय पर अफ़ग़ान सैनिकों और तालिबानी लड़ाकों के बीच तीसरे दिन रविवार को भी लड़ाई जारी रही। तालिबानी लड़ाकों ने गजनी शहर को चारों ओर से घेर रखा है। लोग घरों में क़ैद हैं। कर्फ़्यू का सा माहौल बना हुआ है। अमेरिकी विमानों ने शुक्रवार को पाँच, शनिवार को छह और रविवार को तालिबान के विभिन्न ठिकानों पर दस हवाई हमले किए। गजनी के दक्षिण पूर्व हिस्सों में ज़्यादा ख़ून ख़राबे की ख़बरें मिल रही हैं, जबकि गजनी से नब्बे मिल दूर पश्चिम में स्थित अजरिस्तान जिले पर तालिबान ने क़ब्ज़ा कर लिया है। गजनी से 250 मील दूर फ़रियाब प्रांत में भी लड़ाई जारी है, जहाँ नेशनल डिफ़ेंस अकादमी पर तालिबानी लड़ाकों का क़ब्ज़ा हो गया है।

गजनी में जगह-जगह सैनिकों और तालिबानी लड़ाकों के शव

गजनी शहर की स्थिति यह है कि अफ़ग़ान सैनिकों और तालिबानी लड़ाकों के शव और घायल सैनिकों के जहाँ-तहाँ अंबार लगे हैं। अफ़ग़ानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री रेड क्रास से शवों को उठाने और घायलों को अस्पताल पहुँचाने का निवेदन किया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार लड़ाई में घायल अफ़ग़ान सैनिकों को गधों पर लाद कर सुरक्षित स्थलों अथवा अस्पताल पहुँचाया जा रहा है। रविवार देर सांय तक मरने वाले अफ़ग़ान सैनिकों की संख्या 200 से ऊपर बताई जा रही है, जबकि अमेरिकी हवाई हमलों में पाँच सौ तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। गजनी अस्पताल के निदेशक बाज़ मुहम्मद ने कहा है कि एक सौ तेरह शव लाए गए, जबकि सौ से अधिक को घायलावस्था में दाख़िल किया गया है। अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका के ले.कर्नल एल. ओ. डोनेल ने बताया है कि रविवार को दस ठिकानों पर हवाई हमले किए गए।

कंधार-काबुल हाईवे पर तालिबान लड़ाकों का डेरा

तालिबानी लड़ाकों ने गुरुवार देर रात और शुक्रवार की सुबह तक पुलिस मुख्यालय सहित अनेक सरकारी इमारतों पर क़ब्ज़ा कर लिया था। इसके लिए तालिबान ने गजनी के चारों छोर पर नाकेबंदी की थी। अमेरिकी हवाई हमलों के बाद गवर्नर हाउस और पुलिस मुख्यालय को तो किसी तरह मुक्त करा लिए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कंधार-काबुल हाई वे पर स्थित इस शहर के मुख्य ठिकानों, बड़े चौराहों पर तालिबान लड़ाकों ने डेरा जमा रखा है। उनके हाथों में एक-47 राइफ़लों के अलावा हैंड ग्रेनेड हैं और वे बड़े-से बड़े हादसे को अंजाम देने के लिए राकेट लाँचर से लैस हैं। एक लाख 42 हज़ार की आबादी वाले इस शहर की मौलिक ज़रूरतों में बिजली और टेलीफ़ोन की लाइनें काटी जा चुकी हैं। अखबारों और सरकारी रेडियों के दफ़्तरों को भारी नुक़सान पहुँचाया गया है। वहाँ सिर्फ़ शरियत रेडियो काम कर रहा है, जिस पर तालिबान का अधिकार है। घटना के पहले दिन अमेरिकी विमानों, हेलीकाप्टर और द्रोण हमलों के बाद गजनी को स्वतंत्र करा लिया गया था।पहले दिन छह घंटों की घमासान लड़ाई में अफ़ग़ान सेना के कमांडो दस्ते चार घंटे देरी से पहुँचने और हाइवे से ट्रकों और अन्यान्य साधनों से चार घंटों तक देरी से पहुँचने के कारण तालिबान ने अपनी स्थिति फिर से मज़बूत बना ली। हालाँकि अमेरिकी विमानों से बी-1 गोले  बरसाए जाने से तालिबान के क़रीब पाँच सौ लड़ाकों के मारे जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।

अमेरिकी सैनिकों की घर वापसी पर सवाल

‘अल जज़ीरा’ ने प्रथम रिपोर्ट में कहा था कि यह घटना इतनी ताबड़तोड़ हुई कि अफ़ग़ानिस्तान सरकार अथवा स्थानीय प्रशासन को तालिबान की इस सोची-समझी रणनीति का पता नहीं चला। तालिबानी लड़ाकों ने गुरुवार देर रात अन्धेरे में मुख्य ठिकानों पर अपने हथियारबंद जवान तैनात कर दिए थे। अफ़ग़ान सेना को गजनी के बाहर घंटो रोके रखने के लिए शहर के मुख्य प्रवेश हाई वे पर विस्फोटक सुरंगे बिछा दी थीं। शहर की बिजली और मोबाइल तथा संचार माध्यमों को तहस-नहस कर दिया था। इस सारे काम को इस खूससूरती से अंजाम दिया कि शुक्रवार की सुबह होने से पहले सभी सरकारी भवनों पर एकाएक हमला बोल दिया था। सन् 2015-16 में कुंडूज पर क़ब्ज़ा ज़माने के बाद तालिबान की ओर से गजनी पर नियंत्रण करने का यह पहला मौक़ा था। इस घटना के बाद अमेरिका और नाटो देशों के सैन्य बलों की घर वापसी के साथ अक्टूबर में होने वाले पार्लियामेंट चुनाव पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।

Comments

Most Popular

To Top