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दिल्ली में चरम पर प्रदूषण: ट्रैफिक पुलिस को मिलेंगे नए मास्क

ट्रैफिक-पुलिस

नई दिल्ली। दिल्ली की आबोहवा में छाए प्रदूषण ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। कुछ दिनों से यहां की हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि आंखों में जलन और सांसों की बीमारी से जुड़े लोगों का बाहर निकलना ही बंद हो गया है। इस प्रदूषित हवा में भी ट्रैफिक पुलिस अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटती और अपनी ड्यूटी को बाखूबी अंजाम देती है। दिल्ली में दीवाली से पहले ही ट्रैफिक पुलिस के जवानों को प्रदूषण से बचाने के लिए मास्क बांटे गए थे। अब प्रदूषण लेवल इतना बढ़ चुका है कि उन मास्क का कोई असर नहीं हो रहा है। जिसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस के जवानों के लिए मास्क की जरूरतों को पूरी करने की कवायद चल रही है।





टेंडर के तहत मास्क खरीदने में तो ज्यादा वक्त लगेगा इसलिए निजी कंपनियों से उनकी सीएआर एक्टिविटी के अन्तर्गत ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए नए मास्क का इंतजाम कराने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस ने इस संबंध में एक प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद IGL, होंडा और सैमसंग जैसी कुछ कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वे यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को नए और उम्दा क्वालिटी के मास्क मुहैया हो सके। इसके अलावा ज्यादा धुआं छोड़ रही गाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के विभिन्न हिस्सों का मुआयना करने के बाद ये बात सामने आई कि ट्रैफिक पुलिस के जवान अलग-अलग तरह के मास्क पहनकर ड्यूटी करते दिखे। इनमें से कई पुलिसकर्मियों ने ऐसे मास्क लगा रखे थे जिन्हें पहनने का कोई फायदा ही नहीं था, मगर उन्होंने इसे अपने बचाव के लिए पहन रखा था। कुछ पुलिसकर्मी ऐसे भी मिले जिनके मास्क काफी पुराने हो चुके थे।

एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने कहा कि प्रदूषण इतना अधिक बढ़ चुका है कि दीवाली से पहले दिए गए मास्क खराब हो चुके हैं। वहीं कुछ ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के अनुसार उन्हें ऐसे मास्क पहनकर ड्यूटी पर तैनात रहना ज्यादा बेहतर लगता है, जिन्हें एक दिन यूज करके डिस्पोज किया जा सके, क्योंकि एक ही मास्क को लगातार कई दिनों तक प्रयोग करने से कुछ ही दिनों में मास्क किसी काम का नहीं रहता। फिर उसका कोई फायदा नहीं रहता। कुछ ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के पास बहुत अच्छी क्वॉलिटी के मास्क थे। इसमें पीएम- 10 या पीएम- 2.5 जैसे हवा में घुले हानिकारक कणों से बचाव करने में सक्षम थे। ऐसे पुलिसकर्मियों की तादाद बहुत कम थी। ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना था कि जल्द ही उन्हें दोबारा से अच्छी क्वालिटी के मास्क उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

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