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भूतपूर्व सैनिक कर रहे हैं गंगा नदी को बचाने का काम

गंगा सफाई

नई दिल्ली। प्रादेशिक सेना में कार्यरत सेना के भूतपूर्व सैन्यकर्मी गंगा नदी को बचाने का काम कर रहे हैं। कानपुर (उत्तर प्रदेश) में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 137 सीईटीएफ बटालियन (प्रादेशिक सेना), 39 गोरखा राइफल का उद्घाटन कमान अधिकारी सतिंदर पाल सिंह सिंधू तथा सूबेदार मेजर रविंद्र सिंह भंडारी को रेजीमेंटल झंडा प्रदान किया।





गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इस साल जनवरी में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा अभियान के तहत 137 सीईटीएफ बटालियन (प्रादेशिक सेना), 39 गोरखा राइफल के गठन की मंजूरी दी थी। इसके बाद टास्क फोर्स का गठन 01 अप्रैल को इलाहाबाद में हुआ था। प्रादेशिक सेना की पूरे देश में इस प्रकार की 09 पर्यावरण कार्यबल इकाइयां हैं जो पर्यावरण संरक्षण का काम कर रही हैं। नौ इकाइयों की तरह ही गंगा टास्क फोर्स के अधिकांश जवान भूतपूर्व सैनिक हैं जो गंगा संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं।

गंगा टास्क फोर्स की तीन इकाइयां हैं। शीघ्र ही कानपुर व इलाहाबाद में टास्क फोर्स काम करना शुरू कर देगी। टास्क फोर्स में एनसीसी तथा एनएसएस के छात्रों को भी शामिल किया गया है। अनेक स्कूलों तथा कॉलेजों में जन चेतना अभियान शुरू किए गए हैं।

गंगा टास्क फोर्स के जवानों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पानी के नमूने लेने, प्रदूषण नापने का प्रशिक्षण दिया गया है। इन जवानों को वानिकी संबंधी ट्रेनिंग भी दी गई ताकि वे गंगा नहीं के किनारों पर पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन कर सकें।

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