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स्पेशल रिपोर्टः हाएफा में शहीद भारतीय सैनिकों की याद में समारोह 

नई दिल्ली।  पहले विश्व युद्ध के दौरान आज के इजराइली शहर हाएफा को तुर्कमान साम्राज्य से मुक्ति  दिलाने के लिये लड़ी गई हाएफा की लड़ाई में शहीद हुए नौ सौ से ज्यादा भारतीय सैनिकों की याद में नई दिल्ली और हाएफा शहर में शताब्दी समारोह मनाया गया।





23 सितम्बर, 1918 को मैसूर, हैदराबाद औऱ जोधपुर लांसर के जवानों ने सामरिक तौर पर महत्वपूर्ण हाएफा शहर को मुक्त कराया था। हाएफा शहर पूर्वी भूमध्यसार के तट पर स्थित है।

बैटल आफ हाएफा के नाम से मशहूर युद्ध की याद में एक यादगार डाक टिकट औऱ प्रथम दिवस आवरण इजराइली पोस्ट द्वारा छह फरवरी, 2018 को जारी किया गया था। टिकट औऱ आवरण को इजराइल में भारत के राजदूत पवन कपूर और हाएफा शहर के मेयर योना याहाव को हाएफा में छह फऱबरी को एक विशेष समारोह के दौरान भेंट किया गया। रोनेन गोल्डबर्ग द्वारा डिजाइन किये गए इस डाक टिकट में हाएफा में मार्च करते भारतीय घुड़सवार सैनिकों का एक चित्र है। यह चित्र हाएफा की लड़ाई में विजय पाने के तुरंत बाद लिये गए चित्र पर आधारित है। यह चित्र इम्पीरियल वार म्यूजियम में प्रदर्शित है।

इस मौके पर इजराइल की कार्यवाहक राजदूत सुश्री माया कदोश ने कहा कि वीर भारतीय सैनिकों की याद इजराइली लोगों में हमेशा बसी रहेगी। भारतीय सैनिकों द्वारा किये गए त्याग को सात कब्रिस्तानों में सुरक्षित रखी गई है। यह न केवल हमारे इतिहास का हिस्सा है बल्कि दोनों देशों को जोड़ती है।

जनवरी, 2018 में इजराइली प्रधनमंत्री बेंजामिन  नेतान्याहू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी न नई दिल्ली में तीन मुर्ति चौक पर गए थे। और वीर सैनिकों को अपने श्र्द्धासुमन अर्पित किये थे। पिछले साल प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री नेतान्याहू के साथ हाएफा गए थे और वहां वीर भारतीय सैनिकों को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये थे।

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