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भारत-जापान के बीच हुआ मानव रहित जमीनी वाहन के विकास का समझौता

पीएम शिंजो आबे और पीएम मोदी
पीएम शिंजो आबे और पीएम मोदी (प्रतीकात्मक)

नई दिल्ली। भारत और जापान ने रक्षा क्षेत्र में रोबोटिक्स आधारित रक्षा प्रणालियों के साझा विकास और उत्पादन के लिये पहला सहयोग समझौता किया है।





इस समझौते के तहत मानवरहित जमीनी वाहन या रोबोटिक्स के विकास के लिये विजुअल साइमुलटेनियस लोकेलाइजेशन एंड मैपिंग (एसएलएएम) आधारित ग्लोबल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम्स (जीएनएसएस) आगमेंटेशन टेकनोलॉजी के विकास के लिये साझा शोध किया जाएगा।

गौरतलब है कि भारत और जापान के बीच साल 2016 में रक्षा सहयोग का एक समझौता हुआ था जिसमें रक्षा साज सामान की सप्लाई और रक्षा तकनीक के विकास में साझा सहयोग का प्रावधान था। जापान दूतावास ने यहां एक बयान में कहा कि इस सहयोगी प्रोजेक्ट के जरिये तकनीक का आगे विकास होगा।

दोनों देशों के बीच यह समझौता यहां 31 जुलाई को सम्पन्न हुआ था।

भारत और जापान ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिये दूरगामी महत्व का समझौता किया है। जापान ने भारत को पहले ही समुद्र की सतह पर उतरने वाला विमान यूएस- 2 ( शिनमायवा) देने की पेशकश की है लेकिन भारत ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। इस विमान की बदौलत भारत अपने द्वीपीय भू-भागों की बेहतर रक्षा औऱ चौकसी कर सकता है।

भारत और जापान के बीच पहले ही आपसी सामरिक सहयोग के लिये वैश्विक साझेदारी का समझौता सम्पन्न हो चुका है।

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