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पटना पुलिस के 200 जवान सिर्फ कागजों पर हैं कार्यरत, वेतन पर लगी रोक

पटना पुलिस

पटना। पटना पुलिस के 200 जवान एक साल से ज्यादा वक्त से बिना किसी सूचना के गायब हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश कुमार के निरीक्षण में यह खुलासा हुआ है। उन्होंने एक साल से अधिक समय से गायब चल रहे जवानों का वेतन रोकने का आदेश दिया है।





एक वर्ष से कोई उपस्थिति दर्ज नहीं

एक अखबार में छपी खबरों के अनुसार डीआईजी ने पांच घंटे से अधिक समय तक पटना पुलिस लाइन में बैठकर हर केस की छानबीन की। इस दौरान उन्होंने 200 जवानों को चिह्नित किया, जो एक साल से ज्यादा समय से बिना किसी सूचना के गायब हैं। उन तमाम जवानों के वेतन को रोक दिया गया। उनका बचाव कर रहे पुलिस लाइंस के मुंशी राजू प्रसाद को संस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं रखने पर सब-इंस्पेक्टर संजीव का वेतन रोका गया है और स्पष्टीकरण मांगा गया है।

एक ऑफिसर के अनुसार दूसरे जिलों में होने वाले वीआईपी कार्यक्रमों में पटना पुलिस के जवानों की प्रतिनियुक्ति की मांग की जाती थी, उस समय पुलिस लाइंस के अधिकारी बल की कमी का हवाला देते थे। यही स्थिति तब होती थी, जब राजधानी में किसी बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाता। कागज पर जवानों की संख्या अधिक दिखती थी, लेकिन वे फील्ड में नजर नहीं आते थे।

…तब हुआ ऑफिसरों को संदेह

एक ऑफिसर के अनुसार दूसरे जिलों में होने वाले वीआईपी कार्यक्रमों में पटना पुलिस के जवानों की प्रतियुक्ति की मांग की जाती थी, तब पुलिस लाइंस के अधिकारी बल की कमी की बात करते थे। यही स्थिति तब बनती थी जब राजधानी में किसी बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाता। कागज पर जवानों की संख्या ज्यादा होती थी, पर वे फील्ड में दिखती नहीं थी। तब डीआईजी को शक हुआ।

मनमाने ढंग से 50 कथित लोगों को बॉडीगार्ड मुहैया किए गए

जांच के दौरान डीआईजी ने पाया कि 50 कथित वीआईपी लोगों को गलत तरीके से अंगरक्षक मुहैया कराए गए हैं। डीआईजी ने लाइंस डीएसपी को तत्काल उन जवानों को वापस लाने का आदेश दिया है। डीआईजी ने चेतावनी दी कि अगर वे 24 घंटे के भीतर पुलिस लाइंस में योगदान नहीं देंगे तो कार्रवाई की जाएगी। इन कथित वीआईपी में कुछ बड़े व्यापारी, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी आदि शामिल हैं।

तीन सौ जवानों के पास नहीं है काम

पुलिस लाइंस में 300 ऐसे जवान मिले, जिन्हें अब तक कोई काम नहीं दिया गया था। इनमें से 50 जवानों की छह विशेष टीम बनाई गई, जो अपराध नियंत्रण में सहयोग देंगे। बाकी जवानों को विकट परिस्थिति के लिए सुरक्षित रखा गया है। वहीं कोतवाली थाने में 25 कमांडो की प्रतिनियुक्ति की गई है। उनके लिए बुलेटप्रूफ गाड़ी और सिटी राइड बस का इंतजाम है। रेप या विधि-व्यवस्था के दौरान जब भी जिला पुलिस को जरूरत महसूस होगी तो अफसर उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्हें हर वक्त परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा 50 हथियारबंद जवानों को बाइक के साथ विभिन्न थानों में प्रतिनियुक्त किया गया है।

DIG ने कहा- नौकरी से निकाले जाएंगे चिन्हित पुलिसकर्मी

डीजीपी पीके ठाकुर ने भी गुरुवार को कहा कि ऐसे पुलिसकर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। ऐसे पुलिसकर्मियों को चिन्हित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीजीपी पीके ठाकुर ने स्वीकार किया कि यह मामला अकेले पटना का नहीं है। राज्य के अन्य जिलों की पुलिस लाइंस से भी उन्हें इस प्रकार की शिकायतें पहुंची हैं।

 

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